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सट्टेबाजी ः कोई कंगाल, कई मालामाल
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। तीनों विधानसभा सीटों पर चुनाव परिणाम आते ही किसी की बांछें खिल गईं तो किसी के ऊपर मानों घड़ों पानी गिर गया। दरअसल तीनों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की हार-जीत पर करोड़ों का सट्टा लगाया गया। इस सट्टेबाजी के यह आलम रहा है कि जीतने वाले तो माला-माल हो गए, लेकिन हारने वाले कंगाल।
शामली, कैराना और थानाभवन विधानसभा सीटों भाजपा, बसपा और कांग्रेस-सपा प्रत्याशियों की हार-जीत पर सट्टा बाजार गर्म था। किसी ने सपा प्रत्याशी की हार पर पैसा लगाया था तो किसी ने भाजपा की जीत पर। कोई बसपा को मजबूत बताकर उस पर सट़टा लगा बैठा। शामली की तीनों विधानसभाओं पर हजारों की संख्या में लोगों ने करोड़ों रुपये का सट्टा लगा रखा था।
शनिवार को सुबह आठ बजे से जैसे ही मतगणना शुरू हुई तो सट्टा लगाने वालों तथा सट्टेबाजों की हार्ट-बीप बढ़ गई। राउंड दर राउंड सट्टेबाजों की हार्ट बीट बढ़ती चली गई। दोपहर दो बजे तक सभी परिणाम आ गए गए थे। जाहिर है कि नतीजों आने बाद जिसने जिस बात पर सट्टा लगाया था और उसकी वह बात पूरी हुई तो जाहिर है कि वह मालामाल हो गया। इसके विपरीत हारने वाले लोग कंगाली के मुहाने पर खड़े हो गए, लेकिन इस बीच यह तय है कि सट्टा बाजार चलाने वालों की चांदी रही।
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शामली, कैराना और थानाभवन विधानसभा सीटों भाजपा, बसपा और कांग्रेस-सपा प्रत्याशियों की हार-जीत पर सट्टा बाजार गर्म था। किसी ने सपा प्रत्याशी की हार पर पैसा लगाया था तो किसी ने भाजपा की जीत पर। कोई बसपा को मजबूत बताकर उस पर सट़टा लगा बैठा। शामली की तीनों विधानसभाओं पर हजारों की संख्या में लोगों ने करोड़ों रुपये का सट्टा लगा रखा था।
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शनिवार को सुबह आठ बजे से जैसे ही मतगणना शुरू हुई तो सट्टा लगाने वालों तथा सट्टेबाजों की हार्ट-बीप बढ़ गई। राउंड दर राउंड सट्टेबाजों की हार्ट बीट बढ़ती चली गई। दोपहर दो बजे तक सभी परिणाम आ गए गए थे। जाहिर है कि नतीजों आने बाद जिसने जिस बात पर सट्टा लगाया था और उसकी वह बात पूरी हुई तो जाहिर है कि वह मालामाल हो गया। इसके विपरीत हारने वाले लोग कंगाली के मुहाने पर खड़े हो गए, लेकिन इस बीच यह तय है कि सट्टा बाजार चलाने वालों की चांदी रही।
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