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बेंच की पैरवी करने वाले को देंगे वोट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:54 PM IST
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चुनाव पर चर्चा करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
शामली। विधानसभा चुनाव 2017 की नामांकन की प्रक्रिया शुरू होते ही जगह-जगह चौराहों, कलक्ट्रेट, कचहरी, तहसील में चुनावी चर्चा शुरू हो गई हैं।
अधिवक्ता का कहना था कि मथुरा की तर्ज पर बाहरी क्षेत्र का न होकर स्थानीय जनप्रतिनिधि होना चाहिए, जो वोटर को हर समय मिल सके। आमजन की समस्याओं का समाधान और विकास कराने वाला होना चाहिए। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ और जिला जज न्यायालय की स्थापना के लिए पैरवी करना वाला होना चाहिए।
अधिवक्ता मनोज जागिड़ का कहना है कि जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो आम जन की पहुंच वाला हो, विकास कराने में रुचि रखने वाला, मृदुभाषी, कानून की जानकारी वाला होना चाहिए। विवेक कुमार का कहना है कि जनता ऐसे जनप्रतिनिधि को चुने जो आम नागरिक को हर समय मिल सके। जनप्रतिनिधि को माह या सप्ताह में एक बार जनता के बीच उपस्थित होना चाहिए। उनकी समस्याओं का समय निस्तारण कर सके। एडवोकेट रामपाल सिंह का कहना है कि जनप्रतिनिधि की छवि साफ सुधरी होनी चाहिए, शिक्षित होने के साथ साथ क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाकर उनका समाधान हो सके।
चंद्रभान सिंह, रामकुमार एडवोकेट, सोमपाल चौहान एडवोकेट का है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थापना के लिए पहले जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया है। ऐसा जनप्रतिनिधि चुना जाए जिससे अधिवक्ताओं की मांग को पूरा करा सके।
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अधिवक्ता का कहना था कि मथुरा की तर्ज पर बाहरी क्षेत्र का न होकर स्थानीय जनप्रतिनिधि होना चाहिए, जो वोटर को हर समय मिल सके। आमजन की समस्याओं का समाधान और विकास कराने वाला होना चाहिए। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ और जिला जज न्यायालय की स्थापना के लिए पैरवी करना वाला होना चाहिए।
अधिवक्ता मनोज जागिड़ का कहना है कि जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो आम जन की पहुंच वाला हो, विकास कराने में रुचि रखने वाला, मृदुभाषी, कानून की जानकारी वाला होना चाहिए। विवेक कुमार का कहना है कि जनता ऐसे जनप्रतिनिधि को चुने जो आम नागरिक को हर समय मिल सके। जनप्रतिनिधि को माह या सप्ताह में एक बार जनता के बीच उपस्थित होना चाहिए। उनकी समस्याओं का समय निस्तारण कर सके। एडवोकेट रामपाल सिंह का कहना है कि जनप्रतिनिधि की छवि साफ सुधरी होनी चाहिए, शिक्षित होने के साथ साथ क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में उठाकर उनका समाधान हो सके।
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चंद्रभान सिंह, रामकुमार एडवोकेट, सोमपाल चौहान एडवोकेट का है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थापना के लिए पहले जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया है। ऐसा जनप्रतिनिधि चुना जाए जिससे अधिवक्ताओं की मांग को पूरा करा सके।
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