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शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं
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शामली बाईपास का लगा बोर्ड।
- फोटो : SHAMLI
शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं
शामली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अफसरों द्वारा गजट की प्रतिलिपि नहीं उपलब्ध करा पाने से छह माह बाद भी दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग के शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों से गजट की डिमांड कर चुके हैं। अभी तक गजट के अभाव में शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है।
दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग और शामली बाईपास के निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की है। शामली बाईपास की जद में आ रहे बलवा, सिंभालका, सेहटा, बनत गांव के किसानों की भूमि आ रही है। शामली बाईपास की कुल 36.6344 हेक्टेयर भूमि में से 31.560 9 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है, जिसमें 5.0735 हेक्टेयर भूमि का किसान अपना बैनामा नहीं कराए पाए हैं। इन किसानों और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन के बीच आम सहमति न बनने से बैनामा की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई द्वारा शामली बाईपास की अवार्ड प्रक्रिया पूरी करने के लिए सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी व सहारनपुर के सिटी मजिस्टेट पंकज वर्मा को पत्रावली पिछले छह माह पूर्व भेजी गई थी। छह माह बाद भी वह रिकार्ड के अभाव में अवार्ड की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं कर पाए हैं।
उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अफसरों को अवार्ड घोषित करने के लिए शामली बाईपास और दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग का गजट- अधिसूचना की पत्रावली तलब करने के लिए कहा गया है। अभी तक वह पूरा रिकार्ड नहीं भेज पाए हैं। डीएम अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि सहारनपुर मंडल मुख्यालय के भूमि अध्यापित अधिकारी रिकार्ड के संबंध में अवगत कराया गया है। वह जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक से गजट भेजवाने की बात करेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक एसके मिश्रा का कहना है कि वह जल्द ही सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी को अधूरा रिकार्ड भेजवाने की व्यवस्था कराएंगे।
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शामली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अफसरों द्वारा गजट की प्रतिलिपि नहीं उपलब्ध करा पाने से छह माह बाद भी दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग के शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों से गजट की डिमांड कर चुके हैं। अभी तक गजट के अभाव में शामली बाईपास के गांवों की अवार्ड प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है।
दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग और शामली बाईपास के निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की है। शामली बाईपास की जद में आ रहे बलवा, सिंभालका, सेहटा, बनत गांव के किसानों की भूमि आ रही है। शामली बाईपास की कुल 36.6344 हेक्टेयर भूमि में से 31.560 9 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है, जिसमें 5.0735 हेक्टेयर भूमि का किसान अपना बैनामा नहीं कराए पाए हैं। इन किसानों और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन के बीच आम सहमति न बनने से बैनामा की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई द्वारा शामली बाईपास की अवार्ड प्रक्रिया पूरी करने के लिए सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी व सहारनपुर के सिटी मजिस्टेट पंकज वर्मा को पत्रावली पिछले छह माह पूर्व भेजी गई थी। छह माह बाद भी वह रिकार्ड के अभाव में अवार्ड की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं कर पाए हैं।
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उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई के अफसरों को अवार्ड घोषित करने के लिए शामली बाईपास और दिल्ली- यमुनोत्री, सहारनपुर मार्ग का गजट- अधिसूचना की पत्रावली तलब करने के लिए कहा गया है। अभी तक वह पूरा रिकार्ड नहीं भेज पाए हैं। डीएम अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि सहारनपुर मंडल मुख्यालय के भूमि अध्यापित अधिकारी रिकार्ड के संबंध में अवगत कराया गया है। वह जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक से गजट भेजवाने की बात करेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक एसके मिश्रा का कहना है कि वह जल्द ही सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी को अधूरा रिकार्ड भेजवाने की व्यवस्था कराएंगे।
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