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प्रो कबड्डी में दांव लगाएगा दथेड़ा गांव का अरविंद
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 May 2017 12:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्रो कबड्डी सीजन पांच में शामली का छोरा भी दांव पेंच दिखाएगा। गांव दथेडा के अरविंद कुमार को पटना पाइरेट्स की टीम के लिए छह लाख रुपये में खरीदा गया है। बुधवार को गांव में पहुंचने पर अरविंद का स्वागत किया।
अरविंद ने बताया कि वह करीब तीन साल से गाजियाबाद स्थित मेजर एसआर धनकड़ स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच सोनू तोमर के निर्देशन में कबड्डी का अभ्यास करता है।
10 वीं की पढ़ाई करने के बाद से ही वह कबड्डी खेलने लगा था। 2016 में उसने स्पोर्ट्स एकेडमी की टीम की तरफ से हरिद्वार में हुई नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
इसके बाद गत मार्च माह में प्रो कबड्डी के लिए दिल्ली में ट्रायल दिया, जिसके बाद गुजरात के गांधीनगर स्थित स्पोर्ट्स एकेडमी ऑफ इंडिया (शाई) में सात दिवसीय कैंप में हिस्सा लिया। एक महीना के लिए मुंबई में आयोजित कैंप में शामिल रहा। वहीं से प्रो कबड्डी के लिए खिलाड़ियों की नीलामी वाली सूची में अरविंद का नाम शामिल हुआ। एक दिन पूर्व ही उसको पटना पाइरेट्स टीम के लिए छह लाख रुपये में खरीदा गया।
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बुधवार को अरविंद अपने गांव पहुंचा, तो प्रो कबड्डी टीम में चयनित होने की जानकारी मिलने पर परिजनों में खुशी छा गई। वहीं, अरविंद कुमार का कहना है कि वह बचपन से ही कबड्डी खेलना पसंद करता था। बचपन में वह अपने मामा के बेटों को कबड्डी खेलते देखता था, तो उसके मन में भी खेल की भावना
जागृत हुई। वहीं गांव दथेड़ा में भी वह युवकों के साथ कबड्डी खेलने लगा।
अरविंद कुमार का कहना है कि उसका सपना खेल क्षेत्र में अपने गांव और शामली जनपद का नाम अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रोशन करना है।
साधारण किसान परिवार से है अरविंद
चौसाना क्षेत्र के गांव दथेड़ा निवासी किसान नकली सिंह का बड़ा बेटा प्रवीण चौधरी देहरादून स्थित कंपनी में नौकरी करता है। प्रवीण से छोटी बहन पूजा पढ़ाई कर रही है और अरविंद कुमार तीसरे नंबर का है। अरविंद ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई रुड़की (उत्तराखंड) क्षेत्र के गांव बोहरी से की। इसके बाद वह बीकॉम की पढ़ाई जलालाबाद- गंगोह रोड स्थित वेबटेक मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से कर रहा है। पिता नकली सिंह खेती करते हैं तथा मां बबली गृहणी हैं। साधारण परिवार के अरविंद कुमार की कामयाबी पर दथेड़ा गांव के लोग हर्षित हैं।
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अरविंद ने बताया कि वह करीब तीन साल से गाजियाबाद स्थित मेजर एसआर धनकड़ स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच सोनू तोमर के निर्देशन में कबड्डी का अभ्यास करता है।
10 वीं की पढ़ाई करने के बाद से ही वह कबड्डी खेलने लगा था। 2016 में उसने स्पोर्ट्स एकेडमी की टीम की तरफ से हरिद्वार में हुई नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
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इसके बाद गत मार्च माह में प्रो कबड्डी के लिए दिल्ली में ट्रायल दिया, जिसके बाद गुजरात के गांधीनगर स्थित स्पोर्ट्स एकेडमी ऑफ इंडिया (शाई) में सात दिवसीय कैंप में हिस्सा लिया। एक महीना के लिए मुंबई में आयोजित कैंप में शामिल रहा। वहीं से प्रो कबड्डी के लिए खिलाड़ियों की नीलामी वाली सूची में अरविंद का नाम शामिल हुआ। एक दिन पूर्व ही उसको पटना पाइरेट्स टीम के लिए छह लाख रुपये में खरीदा गया।
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बुधवार को अरविंद अपने गांव पहुंचा, तो प्रो कबड्डी टीम में चयनित होने की जानकारी मिलने पर परिजनों में खुशी छा गई। वहीं, अरविंद कुमार का कहना है कि वह बचपन से ही कबड्डी खेलना पसंद करता था। बचपन में वह अपने मामा के बेटों को कबड्डी खेलते देखता था, तो उसके मन में भी खेल की भावना
जागृत हुई। वहीं गांव दथेड़ा में भी वह युवकों के साथ कबड्डी खेलने लगा।
अरविंद कुमार का कहना है कि उसका सपना खेल क्षेत्र में अपने गांव और शामली जनपद का नाम अंतर्राष्ट्रीय पटल पर रोशन करना है।
साधारण किसान परिवार से है अरविंद
चौसाना क्षेत्र के गांव दथेड़ा निवासी किसान नकली सिंह का बड़ा बेटा प्रवीण चौधरी देहरादून स्थित कंपनी में नौकरी करता है। प्रवीण से छोटी बहन पूजा पढ़ाई कर रही है और अरविंद कुमार तीसरे नंबर का है। अरविंद ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई रुड़की (उत्तराखंड) क्षेत्र के गांव बोहरी से की। इसके बाद वह बीकॉम की पढ़ाई जलालाबाद- गंगोह रोड स्थित वेबटेक मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से कर रहा है। पिता नकली सिंह खेती करते हैं तथा मां बबली गृहणी हैं। साधारण परिवार के अरविंद कुमार की कामयाबी पर दथेड़ा गांव के लोग हर्षित हैं।