फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Arrangements to deal with floods in the district are inadequate

Shamli News: जिले में बाढ़ से निपटने के इंतजाम नाकाफी

Fri, 05 Jul 2024 04:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 05 Jul 2024 04:39 AM IST
विज्ञापन
Arrangements to deal with floods in the district are inadequate
बिडौली में यमुना नदी के पास कटान के बारे जानकारी देता किसान ।
कैराना/चौसाना। बरसात के दिनों में यमुना अपने उफान पर आ जाती है। हर साल जिले के कैराना, चौसाना, बिड़ौली क्षेत्र में किसानों की फसल बाढ़ के कारण प्रभावित होती है। अमर उजाला ने पड़ताल कराई तो यमुना तटबंध जगह-जगह से क्षतिग्रस्त मिले, वहीं चौकियां भी स्थापित नहीं मिली। जबकि तटवर्ती ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सता रही है।
विज्ञापन

हाल ही में डीएम और एडीएम ने बैठक लेकर कैराना और यमुना खादर के आसपास रहने वाले लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए इंतजाम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से तटबंध की मरम्मत और चौकियां स्थापित करने को कहा था। मगर अभी विभागीय तैयारी अधूरी ही नजर आ रही है।
विज्ञापन

कैराना यमुना खादर क्षेत्र
कैराना में यमुना के तटवर्ती गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए यमुना नदी से करीब 300 मीटर पहले तटबंध बनाया गया था, ताकि बाढ़ की स्थिति में यमुना का पानी तटबंध को पार नहीं कर सके और तटवर्ती गांवों में कोई नुकसान नही हो। तटबंध पर पूरे साल रेत के डंपर गुजरते हैं जिस कारण तटबंध जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बरसात में तटबंध के और अधिक क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चौसाना क्षेत्र के 18 गांवों में बा़ढ़ का खतरा
चौसाना के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को हर साल बाढ़ से जूझना पड़ता है। प्रशासन अभी में पुराने संसाधनों पर ही निर्भर है। पहली मानसूनी बारिश के साथ ही इन गांवों के बाशिंदों की चिंता बढ़ गई है। भड़ी, लक्ष्मीपुरा व नाई नंगला खादर क्षेत्र के साथ ही मंगलौरा का बड़ा भू-भाग हर साल बाढ़ की चपेट में आ जाता है। हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। गांवों में पानी घुसने से ग्रामीणों को ठिकाना बदलना पड़ता है।
बिड़ौली में पुलिस चौकी का पता नहीं
बिड़ौली क्षेत्र में भी बाढ़ से निपटने के लिए एक ठोकर को बाढ़ विभाग ने दुरुस्त किया है जबकि यमुना किनारे बढ़ चौकी का कोई अता पता नहीं है पिछले वर्ष यमुना ने अपना रौद्ध रूप दिखाते हुए क्षेत्र के दर्जनों गांव की हजारों का फसल को बर्बाद कर दिया था।


इन इलाकों में बाढ़ का पानी आने से स्थिति भयावह होती है
यमुना किनारे बसे लक्ष्मीपुरा, भड़ी, नाईनंगला, सकौती, मंगलौरा, भड़ी भरतपुरी, साल्हापुर सहित अन्य इलाका प्रभावित होता है। यहां बाढ़ आने पर स्थिति अनियंत्रित हो जाती है। लोगों को घर छोड़ना पड़ता है। वर्ष 1978, 2009 व 2013 में आई बाढ़ से लोगों को भारी नुकसान हुआ था।


भड़ी की चौकी के भी निशान मिटे
भड़ी में बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा चौकी का निर्माण कराया गया था। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते आज चौकी के नाम पर एक ईंट भी मौके पर नहीं है। यमुना क्षेत्र के करीब आठ किलोमीटर के दायरे में किसी प्रकार की चौकी की व्यवस्था नहीं है ताकि तुरंत राहत एवं बचाव के कार्य हो सके।
2013 की भयंकर बाढ़ से 20 दिन तक हरियाणा से संपर्क टूट गया था-

2013 में हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिकतम पानी की मात्रा 8 लाख क्यूसेक प्रति सैकेंड हो गई थी। जिस कारण बाढ़ ने क्षेत्र में भयंकर तबाही मचाई थी। हरियाणा पुलिस चौकी बाढ़ के पानी में समा गई थी। करीब 20 दिन तक यूपी का हरियाणा से संपर्क कटा रहा था। मवी के पास तटंबध पानी में बह गया था जिस कारण मवी, मामौर, सहपत, डुंडुखेड़ा गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए थे।
चार बाढ़ चौकियों पर केवल सुबह शाम ही कर्मचारी जाते है

तहसील क्षेत्र में फतेहपुर, इस्सोपुर खुरगान, रामड़ा व यमुना पुल पर बाढ़ चौकी बनाई गई है। तहसीलदार अर्जुन सिंह ने बताया कि चारों बाढ़ चौकियों पर सुबह शाम की डयूटी लगाई गई है। कर्मचारी चौकियों पर जाकर यमुना के पानी की स्थिति देख रहे हैं। खतरा होने पर 24 घंटे ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा कलरी व सहपत में ठोकरे लगाई गई है।

यह बोले ग्रामीण...
रामडा निवासी निसार व अय्यूब, हैदरपुर निवासी चरण सिंह, मवी निवासी कुरबान, हुकुम सिंह व सुनील ने बताया कि अभी तक तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। 2013 में बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया था। रेत खनन के डंपरों द्वारा तटबंध पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। प्रशासन को जल्द ही तटबंध की मरम्मत करानी चाहिए।
. नजाकत प्रधान भड़ी का कहना है कि गांव में यमुना किनारे ठोकर बेहद जर्जर हालात में हैं,जो लगातार हल्के पानी से भी कटान पर है। लेकिन शिकायत के बाद भी विभाग एवं जिला प्रशासन कोई ध्यान नही दे रहा।

ख्वाजपुरा के ग्राम प्रधान नासिर अली ने बताया कि पिछले वर्ष गांव की लगभग हजारों बीघा जमीन में खड़ी फसल यमुना नदी की चपेट में आ गई थी। सरकार ने समय रहते हुए कदम नहीं उठाया इस वर्ष भी बहुत अधिक नुकसान हो जाएगा।


जिले में बारिश से पूर्व बाढ़ से लोगों को बचाने के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है। चौकियां भी खुलवाई जा रही है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी भी ठोकरों का जायजा ले रहे हैं।
- संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली
..
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed