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दुष्कर्म के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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दुष्कर्म के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
शामली, कैराना। छह साल पहले किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि एक जुलाई 2015 को शामली निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके मकान में रिजवान व उसकी पत्नी सीमा किराये पर रहते थे। आरोपी रिजवान व उसकी पत्नी उसकी 12 वर्षीय बहन को बहला फुसला कर ले गए थे। पुलिस ने घटना के करीब तीन साल बाद किशोरी को बरामद कर कोर्ट में बयान कराए थे। जिसमें किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पॉक्सो की धाराओं का इजाफा किया था। साथ ही किशोरी ने अपने बयान में आरोपी नाजिम निवासी शामली का नाम भी बताया था। आरोपी नाजिम ने न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) मुमताज अली ने आरोपी नाजिम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
वहीं, दुष्कर्म के दूसरे मामले मेें सतेंद्र धीरयान ने बताया कि 19 जून 2021 को थाना कांधला पर एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था कि एक युवक उसकी 13 वर्षीय पुत्री को बहला फुसला कर ले गया। दो दिन बाद ही कांधला पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए बयान कराए। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दुराचार की धारा का इजाफा करते हुए आरोपी मोनू उर्फ मैनपाल निवासी गढ़ी श्याम थाना कांधला को गिरफ्तार करके चालान कर दिया था। आरोपी तभी से जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है। आरोपी ने अपने को निर्दोष बताते हुए जमानत याचिका दायर की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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शामली, कैराना। छह साल पहले किशोरी को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सतेंद्र धीरयान ने बताया कि एक जुलाई 2015 को शामली निवासी व्यक्ति ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके मकान में रिजवान व उसकी पत्नी सीमा किराये पर रहते थे। आरोपी रिजवान व उसकी पत्नी उसकी 12 वर्षीय बहन को बहला फुसला कर ले गए थे। पुलिस ने घटना के करीब तीन साल बाद किशोरी को बरामद कर कोर्ट में बयान कराए थे। जिसमें किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पॉक्सो की धाराओं का इजाफा किया था। साथ ही किशोरी ने अपने बयान में आरोपी नाजिम निवासी शामली का नाम भी बताया था। आरोपी नाजिम ने न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) मुमताज अली ने आरोपी नाजिम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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वहीं, दुष्कर्म के दूसरे मामले मेें सतेंद्र धीरयान ने बताया कि 19 जून 2021 को थाना कांधला पर एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था कि एक युवक उसकी 13 वर्षीय पुत्री को बहला फुसला कर ले गया। दो दिन बाद ही कांधला पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए बयान कराए। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दुराचार की धारा का इजाफा करते हुए आरोपी मोनू उर्फ मैनपाल निवासी गढ़ी श्याम थाना कांधला को गिरफ्तार करके चालान कर दिया था। आरोपी तभी से जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है। आरोपी ने अपने को निर्दोष बताते हुए जमानत याचिका दायर की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला सत्र न्यायालय (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो) ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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