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व्यापारियों में गुस्सा, बाजार बंद
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:01 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। सराफ से रंगदारी मांगने के मामले में कुख्यात फुरकान की गिरफ्तारी अभी तक नहीं होने से व्यापारियों का गुस्सा पुलिस-प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। शनिवार को व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना शुरू दिया। व्यापारियों ने धरनास्थल पर वार्ता के लिए पहुंचे सीओ को खरी खोटी सुनाई।
24 मार्च को सराफ रामअवतार वर्मा से कुख्यात फुरकान ने दो लाख रुपये रंगदारी मांगकर सनसनी फैला दी। कुख्यात के धमकी से व्यापारियों में दहशत का आलम है। सात दिन बाद भी कुख्यात की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण व्यापारियों में रोष व्याप्त है। कुख्यात की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार की सुबह सर्राफा व्यापारियों ने हड़ताल कर दी और बाजार बंद करते सुबह 10 बजे चौक बाजार में धरने पर बैठ गए।
व्यापारियों ने कहा कि आज तक पुलिस फुरकान को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। रंगदारी की धमकियां देने वाले बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं। इससे भाजपा शासनकाल में पुलिस की निष्क्रियता उजागर हो रही है। सीओ कैराना भूषण वर्मा और कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा धरनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी फुुरकान की गिरफ्तारी होने तक धरने पर अडिग रहे। व्यापारियों ने इस दौरान पुलिस को खरी-खरी खोटी सुनाई।
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इसके बाद अधिकारी लौट गए। वहीं, सायंकाल व्यापारियों ने कहा कि रविवार को दोबारा धरना दिया जाएगा। इसके बाद व्यापारी धरने से उठ गए। इस अवसर पर सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद वर्मा, उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, वैभव मित्तल, नेमचंद्र वर्मा, खुर्शीद अहमद, संदीप वर्मा, मनोज वर्मा, राहूल वर्मा आदि सराफ मौजूद रहे।
सीओ कैराना भूषण वर्मा ने बताया कि फुरकान को पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश डाली जा रही है। अब तक उसके कई साथियों को जेल भेजा जा चुका है। जल्द ही उसको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रंगदारी प्रकरण में फेल होने पर हटाए गए कोतवाल
कैराना। रंगदारी प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं होने की गाज कोतवाल कैराना पर गिर गई। पुलिस अधीक्षक डा. अजय पाल शर्मा ने कैराना कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया को शामली कोतवाली भेज दिया।
उनके स्थान पर पूर्व एसओजी प्रभारी राजकुमार शर्मा को कोतवाली प्रभारी बनाया। शनिवार दोपहर राजकुमार शर्मा ने कैराना कोतवाली में प्रभारी निरिक्षक का जार्ज ग्रहण कर लिया। राजकुमार शर्मा तेज तर्रार इंस्पेक्टर माने जाते है। यमुना खादर और स्थानीय बदमाशों का उन्हें अच्छा ज्ञान तथा उनका इस मामले में नेटवर्क मजबूत है। इसी के चलते उनको कैराना की कमान सौंपी गई है। अब उन पर फुरकान को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव रहेगा।
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24 मार्च को सराफ रामअवतार वर्मा से कुख्यात फुरकान ने दो लाख रुपये रंगदारी मांगकर सनसनी फैला दी। कुख्यात के धमकी से व्यापारियों में दहशत का आलम है। सात दिन बाद भी कुख्यात की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण व्यापारियों में रोष व्याप्त है। कुख्यात की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार की सुबह सर्राफा व्यापारियों ने हड़ताल कर दी और बाजार बंद करते सुबह 10 बजे चौक बाजार में धरने पर बैठ गए।
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व्यापारियों ने कहा कि आज तक पुलिस फुरकान को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। रंगदारी की धमकियां देने वाले बदमाश खुलेआम घूम रहे हैं। इससे भाजपा शासनकाल में पुलिस की निष्क्रियता उजागर हो रही है। सीओ कैराना भूषण वर्मा और कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा धरनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी फुुरकान की गिरफ्तारी होने तक धरने पर अडिग रहे। व्यापारियों ने इस दौरान पुलिस को खरी-खरी खोटी सुनाई।
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इसके बाद अधिकारी लौट गए। वहीं, सायंकाल व्यापारियों ने कहा कि रविवार को दोबारा धरना दिया जाएगा। इसके बाद व्यापारी धरने से उठ गए। इस अवसर पर सराफा यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद वर्मा, उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, वैभव मित्तल, नेमचंद्र वर्मा, खुर्शीद अहमद, संदीप वर्मा, मनोज वर्मा, राहूल वर्मा आदि सराफ मौजूद रहे।
सीओ कैराना भूषण वर्मा ने बताया कि फुरकान को पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश डाली जा रही है। अब तक उसके कई साथियों को जेल भेजा जा चुका है। जल्द ही उसको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रंगदारी प्रकरण में फेल होने पर हटाए गए कोतवाल
कैराना। रंगदारी प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं होने की गाज कोतवाल कैराना पर गिर गई। पुलिस अधीक्षक डा. अजय पाल शर्मा ने कैराना कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया को शामली कोतवाली भेज दिया।
उनके स्थान पर पूर्व एसओजी प्रभारी राजकुमार शर्मा को कोतवाली प्रभारी बनाया। शनिवार दोपहर राजकुमार शर्मा ने कैराना कोतवाली में प्रभारी निरिक्षक का जार्ज ग्रहण कर लिया। राजकुमार शर्मा तेज तर्रार इंस्पेक्टर माने जाते है। यमुना खादर और स्थानीय बदमाशों का उन्हें अच्छा ज्ञान तथा उनका इस मामले में नेटवर्क मजबूत है। इसी के चलते उनको कैराना की कमान सौंपी गई है। अब उन पर फुरकान को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव रहेगा।