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Shamli News: अकरम को नसीब नहीं हुई गांव की मिट्टी, देहरादून में किया सुपुर्दे खाक
Sat, 02 May 2026 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 02 May 2026 12:30 AM IST
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देहरादून पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बदमाश अकरम का फाइल फोटो।
- फोटो : नवाबगंज में आंधी-पानी में गिरा पेड़।
गढ़ीपुख्ता। देहरादून में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गांव बुंटा निवासी बदमाश अकरम के शव को अपने पैतृक गांव की मिट्टी भी नसीब नहीं हो सकी। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में देहरादून के कब्रिस्तान में देर रात शव को सुपुर्दे खाक करा दिया। उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शव देने से इनकार करते हुए वहीं पर सुपुर्दे खाक करा दिया।
गांव बुंटा निवासी अकरम बुधवार रात को देहरादून पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उस पर उत्तराखंड में लूट, डकैती व हत्या आदि के 10 से ज्यादा मामले दर्ज थे। जनपद शामली के झिंझाना थाने पर भी 2015 में लूट का मामला दर्ज हुआ था। परिजनों के मुताबिक बुधवार को वह देहरादून में न्यायालय में तारीख पर गया था। अगले दिन बृहस्पतिवार सुबह अकरम के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिली थी।
पिता मौसम अली अन्य परिजनों व ग्रामीणों के साथ देहरादून गए थे। देर रात में परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने अकरम के शव को देहरादून के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक करा दिया।
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छोटे भाई मुकर्रम का कहना है कि हम अकरम का शव लेने देहरादून गए थे। वे शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक करना चाहते थे। देहरादून पुलिस से शव उन्हें देने की मांग की गई, लेकिन पुलिस ने परिजनों को शव नहीं दिया और वहीं पर सुपुर्दे खाक करा दिया। उन्होंने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है।
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गांव बुंटा निवासी अकरम बुधवार रात को देहरादून पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उस पर उत्तराखंड में लूट, डकैती व हत्या आदि के 10 से ज्यादा मामले दर्ज थे। जनपद शामली के झिंझाना थाने पर भी 2015 में लूट का मामला दर्ज हुआ था। परिजनों के मुताबिक बुधवार को वह देहरादून में न्यायालय में तारीख पर गया था। अगले दिन बृहस्पतिवार सुबह अकरम के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिली थी।
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पिता मौसम अली अन्य परिजनों व ग्रामीणों के साथ देहरादून गए थे। देर रात में परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने अकरम के शव को देहरादून के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक करा दिया।
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छोटे भाई मुकर्रम का कहना है कि हम अकरम का शव लेने देहरादून गए थे। वे शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक करना चाहते थे। देहरादून पुलिस से शव उन्हें देने की मांग की गई, लेकिन पुलिस ने परिजनों को शव नहीं दिया और वहीं पर सुपुर्दे खाक करा दिया। उन्होंने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है।