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Shamli News: कांवड़ यात्रा के बाद चला उद्योगों का पहिया, करोड़ों के ऑर्डर भेजे गए
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शामली। कांवड़ यात्रा के समापन के साथ ही जिले के उद्योगों की रफ्तार तेज हो गई है। बृहस्पतिवार से कंडेला औद्योगिक क्षेत्र समेत पूरे जनपद में उद्योगों ने पुनः काम शुरू कर दिया है। इस दौरान दस करोड़ रुपये से अधिक के रुके ऑर्डरों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। वहीं बाहर से आने वाला कच्चा माल भी पहुंचने लगा है, जिससे उद्यमियों को राहत मिली है।
कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन और बैरियर पर रोक के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित था। इसका सीधा असर औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा। बीते चार दिनों से अधिकांश फैक्ट्रियां बंद थीं, जिससे उत्पादन और आपूर्ति दोनों रुकी हुई थीं।
आईआईए के पूर्व चेयरमैन आशीष जैन ने बताया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने पर उद्योग फिर से पटरी पर लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक करोड़ रुपये से अधिक के रिम और धुरा के ऑर्डर रुके हुए थे, जिन्हें अब दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों में भेज दिया गया है। अमेरिका और अन्य देशों में भी जल्द ही माल भेजा जाएगा।
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आईआईए के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनुज गर्ग ने बताया कि उनके यहां तैयार माचिस और अगरबत्तियां हरियाणा, लखनऊ, जम्मू, कानपुर आदि स्थानों पर जाती हैं। कांवड़ यात्रा के कारण डिलीवरी रुकी हुई थी, लेकिन गुरुवार से आपूर्ति पुनः शुरू हो गई है।
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने कहा कि जिले से 10 करोड़ रुपये से अधिक के रुके ऑर्डरों की आपूर्ति की जा रही है। आने वाले दिनों में और अधिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अशोक बंसल ने बताया कि उद्योगों में अब नियमित रूप से काम शुरू हो चुका है और बाहर से कच्चा माल भी आना शुरू हो गया है।
-11 से 23 जुलाई तक उद्योग रहा प्रभावित
कांवड़ यात्रा को देखते हुए 11 से 23 जुलाई तक जिले में रूट डायवर्जन लागू था। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, महाराष्ट्र आदि में माल भेजने और वहां से कच्चा माल लाने का काम पूरी तरह बाधित हो गया था। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के चलते चार दिन तक फैक्ट्रियों में अवकाश घोषित कर दिया गया था, जिससे उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन और बैरियर पर रोक के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित था। इसका सीधा असर औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा। बीते चार दिनों से अधिकांश फैक्ट्रियां बंद थीं, जिससे उत्पादन और आपूर्ति दोनों रुकी हुई थीं।
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आईआईए के पूर्व चेयरमैन आशीष जैन ने बताया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने पर उद्योग फिर से पटरी पर लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक करोड़ रुपये से अधिक के रिम और धुरा के ऑर्डर रुके हुए थे, जिन्हें अब दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य राज्यों में भेज दिया गया है। अमेरिका और अन्य देशों में भी जल्द ही माल भेजा जाएगा।
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आईआईए के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अनुज गर्ग ने बताया कि उनके यहां तैयार माचिस और अगरबत्तियां हरियाणा, लखनऊ, जम्मू, कानपुर आदि स्थानों पर जाती हैं। कांवड़ यात्रा के कारण डिलीवरी रुकी हुई थी, लेकिन गुरुवार से आपूर्ति पुनः शुरू हो गई है।
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने कहा कि जिले से 10 करोड़ रुपये से अधिक के रुके ऑर्डरों की आपूर्ति की जा रही है। आने वाले दिनों में और अधिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अशोक बंसल ने बताया कि उद्योगों में अब नियमित रूप से काम शुरू हो चुका है और बाहर से कच्चा माल भी आना शुरू हो गया है।
-11 से 23 जुलाई तक उद्योग रहा प्रभावित
कांवड़ यात्रा को देखते हुए 11 से 23 जुलाई तक जिले में रूट डायवर्जन लागू था। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार, महाराष्ट्र आदि में माल भेजने और वहां से कच्चा माल लाने का काम पूरी तरह बाधित हो गया था। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के चलते चार दिन तक फैक्ट्रियों में अवकाश घोषित कर दिया गया था, जिससे उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।