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अपर आयुक्त ने सुनीं उद्यमियों की समस्याएं
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
Updated Wed, 30 Sep 2015 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त ने मंगलवार को शामली क्षेत्र के व्यापारी और उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। उद्यमियों ने ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। अपर आयुक्त ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त पूनम गुप्ता मंगलवार दोपहर करनाल रोड स्थित वाणिज्य कर के दफ्तर पर पहुंचीं। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने समस्याओं से संबंधित 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि यदि किसी व्यापारी का नक्शा दो चार दिन लेट हो जाता है, तो उस पर दो हजार रुपये पेनल्टी लगा दी जाती है, जबकि व्यापारी एडवांस टैक्स जमा करके भी विभाग का सहयोग करते हैं।
मंदी के दौर में यदि किसी कारण से टैक्स जमा नहीं होता, तो उसे नोटिस थमा दिया जाता है और अनावश्यक रूप से टैक्स बढ़ाकर दबाव बनाया जाता है। व्यापारियों के करोड़ों रुपये के रिफंड बकाया है। इनकम टैक्स विभाग की तरह रिफंड को चेक द्वारा व्यापारियों को शीघ्र दिलाया जाए। सूर्यवीर सिंह, सुभाष धीमान, आशु पुरी, कंवरबीर सिंह कांबोज तथा पंकज वालिया मौजूद रहे।
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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन चेप्टर शामली की ओर से उद्योग एवं व्यापार गोष्ठी कराई गई। कैराना रोड पर ऑर्किड रेस्टोरेंट में आयोजित गोष्ठी में उद्यमियों ने बताया कि आनलाइन सॉफ्टवेयर में फार्म 38 को अपलोड करते समय भूलवश गलत डाटा फीड होने और उसकी जानकारी होने पर तत्काल ठीक करने का ऑप्शन होना चाहिए।
ई संचरण में अभी भी जिला मुजफ्फरनगर ही आता है, इसमें संशोधन कर शामली जिला किया जाना चाहिए। विभाग के निर्देशानुसार एक अक्तूबर के बाद सभी फार्म सी कंप्यूटर से ही डाउनलोड किए जा सकेंगे, लेकिन बहुत सारे उद्यमी ऐसे हैं, जिनके सीएसटी रजिस्ट्रेशन में जो संशोधन होने थे, वह अभी तक नहीं हुए हैं। जिन लोगों की टर्न ओवर 25 लाख से कम है, उनको फार्म विभाग से लेने होंगे, जबकि एक अक्तूबर के बाद फार्म सी जारी नहीं होगा। ऐसे में उद्यमी क्या करेंगे।
एक तिमाही फार्म सी अगली तिमाही तक जमा करने का समय है, इस समय को बढ़ाकर असेसमेंट होने तक करना चाहिए। क्योंकि फार्म सी हमें दूसरे प्रदेशों के व्यापारियों से लेकर जमा करना होता है और वहां पर भिन्न भिन्न व्यवस्थाएं लागू हैं। ऐसे में फार्म सी जमा कराने की समय सीमा बढ़ाया जाए। इसके अलावा कई बार नया दूसरे प्रदेश का व्यापारी एडवांस में फार्म सी की मांग करता है, तो वह कैसे देने की व्यवस्था होगी। गोष्ठी में वाणिज्य कर विभाग के एके जैन, सत्यनारायण, वीएस दूबे, केएल बंसल रहे।
उद्यमियों की बातें सुनने के बाद अपर आयुक्त पूनम गुप्ता ने समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। आईआईए के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल, संरक्षक अशोक बंसल, मोहित जैन, परवेंद्र जैन, आलोक जैन, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, परमेंद्र तायल, प्रमोद ऐरन, अमित गोयल, प्रवीण गोयल, अनुज गोयल, सुधीर बंसल, अतुल, विपुल मित्तल आदि थे।
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शामली। वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त ने मंगलवार को शामली क्षेत्र के व्यापारी और उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। उद्यमियों ने ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। अपर आयुक्त ने कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त पूनम गुप्ता मंगलवार दोपहर करनाल रोड स्थित वाणिज्य कर के दफ्तर पर पहुंचीं। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने समस्याओं से संबंधित 5 सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि यदि किसी व्यापारी का नक्शा दो चार दिन लेट हो जाता है, तो उस पर दो हजार रुपये पेनल्टी लगा दी जाती है, जबकि व्यापारी एडवांस टैक्स जमा करके भी विभाग का सहयोग करते हैं।
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मंदी के दौर में यदि किसी कारण से टैक्स जमा नहीं होता, तो उसे नोटिस थमा दिया जाता है और अनावश्यक रूप से टैक्स बढ़ाकर दबाव बनाया जाता है। व्यापारियों के करोड़ों रुपये के रिफंड बकाया है। इनकम टैक्स विभाग की तरह रिफंड को चेक द्वारा व्यापारियों को शीघ्र दिलाया जाए। सूर्यवीर सिंह, सुभाष धीमान, आशु पुरी, कंवरबीर सिंह कांबोज तथा पंकज वालिया मौजूद रहे।
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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन चेप्टर शामली की ओर से उद्योग एवं व्यापार गोष्ठी कराई गई। कैराना रोड पर ऑर्किड रेस्टोरेंट में आयोजित गोष्ठी में उद्यमियों ने बताया कि आनलाइन सॉफ्टवेयर में फार्म 38 को अपलोड करते समय भूलवश गलत डाटा फीड होने और उसकी जानकारी होने पर तत्काल ठीक करने का ऑप्शन होना चाहिए।
ई संचरण में अभी भी जिला मुजफ्फरनगर ही आता है, इसमें संशोधन कर शामली जिला किया जाना चाहिए। विभाग के निर्देशानुसार एक अक्तूबर के बाद सभी फार्म सी कंप्यूटर से ही डाउनलोड किए जा सकेंगे, लेकिन बहुत सारे उद्यमी ऐसे हैं, जिनके सीएसटी रजिस्ट्रेशन में जो संशोधन होने थे, वह अभी तक नहीं हुए हैं। जिन लोगों की टर्न ओवर 25 लाख से कम है, उनको फार्म विभाग से लेने होंगे, जबकि एक अक्तूबर के बाद फार्म सी जारी नहीं होगा। ऐसे में उद्यमी क्या करेंगे।
एक तिमाही फार्म सी अगली तिमाही तक जमा करने का समय है, इस समय को बढ़ाकर असेसमेंट होने तक करना चाहिए। क्योंकि फार्म सी हमें दूसरे प्रदेशों के व्यापारियों से लेकर जमा करना होता है और वहां पर भिन्न भिन्न व्यवस्थाएं लागू हैं। ऐसे में फार्म सी जमा कराने की समय सीमा बढ़ाया जाए। इसके अलावा कई बार नया दूसरे प्रदेश का व्यापारी एडवांस में फार्म सी की मांग करता है, तो वह कैसे देने की व्यवस्था होगी। गोष्ठी में वाणिज्य कर विभाग के एके जैन, सत्यनारायण, वीएस दूबे, केएल बंसल रहे।
उद्यमियों की बातें सुनने के बाद अपर आयुक्त पूनम गुप्ता ने समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। आईआईए के चेयरमैन नरेंद्र अग्रवाल, संरक्षक अशोक बंसल, मोहित जैन, परवेंद्र जैन, आलोक जैन, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, परमेंद्र तायल, प्रमोद ऐरन, अमित गोयल, प्रवीण गोयल, अनुज गोयल, सुधीर बंसल, अतुल, विपुल मित्तल आदि थे।