सत्यापन जारी: यूपी के इस जिले में बिना मान्यता के चल रहे 84 मदरसे, जानिए पूरा अपडेट
उत्तर प्रदेश के इस जिले में 84 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। वहीं जनपद के तीन तहसील क्षेत्रों में मदरसों का सत्यापन जारी है।
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शामली जिले में करीब 84 मदरसे बिना मान्यता के चलाए जा रहे हैं। शासन के आदेश पर जिले की तीनों तहसील क्षेत्रों में मदरसों का सत्यापन जारी है। अफसरों के मुताबिक, शामली क्षेत्र में 29, कैराना में क्षेत्र में 26 और ऊन तहसील में क्षेत्र में 29 मदरसे बिना मान्यता के हैं। सर्वे के दौरान यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
प्रदेश सरकार मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को बुनियादी सुविधाएं दिलाने का प्रयास कर रही है। इसलिए वह ऐसे मदरसों का सर्वे करा रही है, जो बिना मान्यता के संचालित हैं। इनकी 11 बिंदुओं पर जांच की जानी है। जिनमें छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, फंडिंग का जरिया, भवन, फर्नीचर, शौचालय आदि बुनियादी सुविधाओं पर सर्वे किया जाना है। जिससे यह पता लग सके कि किन-किन चीजों की आवश्यकता हो सकती है।
एसडीएम सदर विशु राजा ने शुक्रवार को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अंशुल चौहान व खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह को साथ लेकर शहर में दिल्ली रोड स्थित मदरसा हाफिज जामिन शहीद का सर्वे किया। मदरसा संचालक से 11 बिंदुओं पर पूछताछ की। जिसमें पता चला कि मदरसे में छह शिक्षक हैं और 80 छात्रों मदरसे में पढ़ते हैं। मदरसा बोर्ड से रजिस्ट्रेशन न पाए जाने पर मदरसे के मुफ्ती जाकिर ने बताया कि हाफिज जामिन शहीद के नाम से संस्था रजिस्टर्ड है। जिसके आधार पर ही वह बच्चों को सिर्फ दीनी तालीम दे रहे हैं। छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी की कोई तालीम नहीं दी जाती।
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इसके बाद टीम गांव करमूखेड़ी स्थित रहमानिया शेजुल कुरआन में पहुंचे। उन्होंने मदरसे के बारे में जानकारी हासिल की। मदरसा गैर मान्यता प्राप्त पाया गया। गांव लिलौन स्थित मदरसा दारुल उलूम इमदादिया भी बिना मान्यता संचालित मिला। यहां भी संस्था के रजिस्ट्रेशन पर छात्रों को दीनी तालीम दी जा रही थी।
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क्षेत्र में शुक्रवार को तीन मदरसों का सर्वेक्षण किया गया। जिनमें तीनों ही मदरसे बिना मान्यता मिले। जिले में करीब 84 मदरसे बिना मान्यता के संचालित हैं। सर्वे में यह संख्या बढ़ सकती है। - अंशुल चौहान, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी