फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   ab mandi samiti me banegi kisaano ki sarkaar

अब मंडी समितियों में बनेगी किसानों की सरकार

Mon, 10 Jun 2019 11:27 PM IST
NAVEEN GUPTA amarujala
amarujala Published by: NAVEEN GUPTA Updated Mon, 10 Jun 2019 11:27 PM IST
विज्ञापन
ab mandi samiti me banegi kisaano ki sarkaar
file - फोटो : amarujala
अब मंडी समितियों में अफसरों की नहीं, बल्कि किसानों की चलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ना केवल इसके संकेत दे दिए हैं, बल्कि मंडी समिति मुख्यालय ने भी मंडी समितियों से आढ़तियों के यहां अपने फल और सब्जियां बेचने वाले सक्रिय किसानों का डाटा भी तैयार करने को कह दिया है। संभवत: इन्हीं किसानों में से कोई समिति का सभापति बन सकता है।
विज्ञापन

मंडी समिति एक कार्यदायी संस्था है। इसकी कमान मुख्यत: दो लोगों सभापति और सचिव के हाथ में होती है। सभापति ही संबंधित समिति के फैसले लेता है। दुकानों का आवंटन, किराया निर्धारण के अलावा मंडी शुल्क चोरी के माले में पेनल्टी निर्धारण आदि सभी कार्य सभापति की मंजूरी से होता है, जबकि सचिव विभाग द्वारा नियुक्त अधिकारी होता है, जो अपनी समिति के सभी कार्यों को देखता है।
विज्ञापन


वर्तमान में ये है व्यवस्था
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार मंडी समिति के सभापति को जिलाधिकारी द्वारा किसी प्रशासनिक अधिकारी को नामित किया जाता है। वर्तमान में जिले की चार समितियों में संबंधित उपजिलाधिकारी बतौर सभापति नियुक्त हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि मंडी समितियों में सभापति की कमान अब किसानों के हाथ में देने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रसीदों से होगा सक्रिय किसानों का चिह्नीकरण
मंडी समिति मुख्यालय ने इस संबंध में सभी मंडी समितियों को 6आर रसीदों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 6 आर रसीद आढ़ती द्वारा उसके यहां माल बेचने वाले किसान को दी जाती है। जिसमें किसान का नाम, उनके गांव आदि का पता और उसके द्वारा बेची गई फसल की जानकारी होती है। इस रसीद की एक कापी किसान, दूसरी आढ़ती और एक कापी मंडी समिति कार्यालय में जमा होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन रसीदों के जरिए ही मंडियों में नियमित रूप से अपनी फसल बेचने वाले किसानों का चिह्नीकरण हो जाएगा। इसके बाद इन किसानों की समिति गठित करके इनमें से ही किसी एक किसान को सभापति बनाया जा सकता है। इसकी क्या व्यवस्था होगी। सभापति का चयन किस आधार पर होगा ये सब अभी स्पष्ट नहीं है। ये सब शासन स्तर से गाइड लाइन आने के बाद ही पता चलेगा।

1.95 करोड़ के मुनाफे में हैं जिले की मंडी समितियां
शामली। जनपद में शामली, कैराना, कांधला और थानाभवन चार मंडी समितियां हैं। इनमें आढ़तियों की संख्या आय और व्यय के लिहाजा से शामली मंडी समिति सबसे बड़ी है। जिले की मंडी समितियों में आय करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये सालाना है, जबकि व्यय 3.62 करोड़ रुपये है।

ये है मंडी समितियों की आय
मंडी समितियों द्वारा लाइसेंसधारी आढ़तियों से ली गई लाइसेंस फीस, मंडी शुल्क, समन शुल्क, पेनल्टी के अलावा मंडी टैक्स चोरी से पकड़े गए माल पर वसूली गई पेनल्टी के अलावा मंडी समिति की दुकानों से मिलने वाला किराया आदि ये सब मंडी समितियों की आय होती है।


समिति       लाइसेंसी आढ़ती       सालाना आय( लाख )रुपये            सालाना व्यय (लाख रुपये)
शामली            870                           402                                       244
कैराना            170                           53.26                                   25.13
कांधला           270                           32.40                                   29.65
थानाभवन     286                           67.15                                    62.96   
नोट- ये आंकड़े वर्ष 2018-19 के हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बारे में पता तो चला है। हालांकि मंडी समिति मुख्यालय ने 6 आर रसीदों का डाटा तैयार रखने को कहा है। ये रसीदें किसान को आढ़त पर अपना माल बेचते हुए आढ़ती द्वारा दी जाती है। इसमें किसान का नाम पता और उसकी फसल आदि का नाम की जानकारी होती है। इस व्यवस्था में बदलाव संबंधी गाइड लाइन आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
विश्वेंद्र सिंह सचिव मंडी समिति शामली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed