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चुनाव तैयारी पर मंथन करेंगे भाजपा नेता सुनील बंसल
Updated Thu, 03 May 2018 12:16 AM IST
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चुनाव तैयारी पर मंथन करेंगे भाजपा नेता सुनील बंसल
शामली।
कैराना उपचुनाव को लेकर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल बृहस्पतिवार को बैठक करेंगे। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों के अलावा मंत्रियों, सांसद और विधायकों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। ताकि चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को जिताने में कोई कमी न रहने पाए।
कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। क्योंकि गोरखपुर और फूलपुर के नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा को घेरने का प्रयास किया था। इसी के चलते कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा का यही प्रयास रहेगा कि पार्टी के प्रत्याशी को जिताया जा सके। इसी लिहाज से पूर्व में भी प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल शामली आकर बैठक कर चुके हैं। अब बृहस्पतिवार को वह फिर से शामली आ रहे हैं। करनाल रोड स्थित एक स्कूल में होने वाली इस बैठक में पार्टी के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के विधायकों, सांसद भी मौजूद रहेंगे, जिनके साथ कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर हुई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सर्व समाज के लोगों के साथ भी वह बैठक करेंगे।
तो बुआ को मिलेगा भतीजे का साथ
भाजपा नेता मृगांका सिंह के भतीजे अनिल चौहान एक बार फिर से भाजपा के साथ आ सकते हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट न मिलने पर बगावत कर दी थी और रालोद में शामिल हो गए थे। क्योंकि भाजपा का टिकट पूर्व सांसद की बेटी मृगांका सिंह को मिल गया था। इसके चलते अनिल चौहान ने रालोद के टिकट पर ही कैराना सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को उठाना पड़ा था। वहीं, 2014 में हुए कैराना विधानसभा सीट के उपचुनाव में अनिल चौहान भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और बहुत कम अंतर से चुनाव हारे थे। उसी बात को ध्यान में रखते हुए गुर्जर समाज के लोगों ने परिवार को फिर से एकजुट करने का प्रयास किया, जिसमें अनिल चौहान से कई दौर की वार्ता हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में अनिल चौहान फिर से भाजपा के साथ आ सकते हैं। अनिल चौहान का कहना है कि वार्ता हुई है, लेकिन अभी भाजपा ज्वाइन नहीं की है।
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शामली।
कैराना उपचुनाव को लेकर भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल बृहस्पतिवार को बैठक करेंगे। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारियों के अलावा मंत्रियों, सांसद और विधायकों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। ताकि चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को जिताने में कोई कमी न रहने पाए।
कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। क्योंकि गोरखपुर और फूलपुर के नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा को घेरने का प्रयास किया था। इसी के चलते कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा का यही प्रयास रहेगा कि पार्टी के प्रत्याशी को जिताया जा सके। इसी लिहाज से पूर्व में भी प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल शामली आकर बैठक कर चुके हैं। अब बृहस्पतिवार को वह फिर से शामली आ रहे हैं। करनाल रोड स्थित एक स्कूल में होने वाली इस बैठक में पार्टी के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर के विधायकों, सांसद भी मौजूद रहेंगे, जिनके साथ कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव को लेकर हुई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सर्व समाज के लोगों के साथ भी वह बैठक करेंगे।
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तो बुआ को मिलेगा भतीजे का साथ
भाजपा नेता मृगांका सिंह के भतीजे अनिल चौहान एक बार फिर से भाजपा के साथ आ सकते हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट न मिलने पर बगावत कर दी थी और रालोद में शामिल हो गए थे। क्योंकि भाजपा का टिकट पूर्व सांसद की बेटी मृगांका सिंह को मिल गया था। इसके चलते अनिल चौहान ने रालोद के टिकट पर ही कैराना सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उसका नुकसान भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को उठाना पड़ा था। वहीं, 2014 में हुए कैराना विधानसभा सीट के उपचुनाव में अनिल चौहान भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और बहुत कम अंतर से चुनाव हारे थे। उसी बात को ध्यान में रखते हुए गुर्जर समाज के लोगों ने परिवार को फिर से एकजुट करने का प्रयास किया, जिसमें अनिल चौहान से कई दौर की वार्ता हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में अनिल चौहान फिर से भाजपा के साथ आ सकते हैं। अनिल चौहान का कहना है कि वार्ता हुई है, लेकिन अभी भाजपा ज्वाइन नहीं की है।
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