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हनुमान जी की पूछ मे लगाई आग, धू-धू- कर जल उठी लंका
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:39 AM IST
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शामली।
श्री हनुुमान धाम पर रामलीला महोत्सव में हनुमान द्वारा अशोक वाटिका में सीता से मिलन, अक्षय कुमार का वध, श्रीहनुमान-रावण संवाद और लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। रामलीला मंचन के अंतिम चरण में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बुधवार देर रात श्रीगणेश की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू किया गया। सीता की खोज के लिए अंगद के नेतृत्व में वानर सेना को दक्षिण दिशा की ओर भेजा जाता है। वानर सेना समुद्र के किनारे पहुंचती है। समुंदर पार जाने के लिए वानर सेना में मंथन होता है। जामंवत हनुमान को उनके बल और शक्ति को याद दिलाते है। हनुमान की शक्ति वापस आजाती है। हनुमान सीता की खोज के लंका में प्रवेश करते हैं और अशोक वाटिका में पहुंच जाते हैं। हनुमान श्रीराम की अंगूूठी सीता के पास डालते हैं और अपना परिचय श्री रामदूत के रूप में देते हैं। अशोक वाटिका में फल खाकर वाटिका का उजाड़ना शुरू करते हैं। इस दौरान युद्ध में अक्षय कुमार का वध करते है। रावण का दूसरा पुत्र मेघनाथ युद्ध के लिए आता है और बंधक बनाकर दरबार में पेश करते हैं।
दरबार में हनुमान और रावण का संवाद होता है। रावण उनकी पूछ में आग लगवा देते हैं। हनुमान लंका में आग लगा देते हैं और रावण का घमंड चूर चूर कर देते हैं। हनुमान का अभिनय राधेश्याम मित्तल ने किया गया। रावण नरेंद्र सैनी, अंगद भागवंत पाठक, सुरसा विजय पेंटर, विभीषण अभिषेक, अक्षय कुमार रविंद्र भारद्वाज, मेघनाथ- उत्तम याहु, सीता आशु निर्वाल ने अभिनय किया गया।
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श्री हनुुमान धाम पर रामलीला महोत्सव में हनुमान द्वारा अशोक वाटिका में सीता से मिलन, अक्षय कुमार का वध, श्रीहनुमान-रावण संवाद और लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। रामलीला मंचन के अंतिम चरण में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बुधवार देर रात श्रीगणेश की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू किया गया। सीता की खोज के लिए अंगद के नेतृत्व में वानर सेना को दक्षिण दिशा की ओर भेजा जाता है। वानर सेना समुद्र के किनारे पहुंचती है। समुंदर पार जाने के लिए वानर सेना में मंथन होता है। जामंवत हनुमान को उनके बल और शक्ति को याद दिलाते है। हनुमान की शक्ति वापस आजाती है। हनुमान सीता की खोज के लंका में प्रवेश करते हैं और अशोक वाटिका में पहुंच जाते हैं। हनुमान श्रीराम की अंगूूठी सीता के पास डालते हैं और अपना परिचय श्री रामदूत के रूप में देते हैं। अशोक वाटिका में फल खाकर वाटिका का उजाड़ना शुरू करते हैं। इस दौरान युद्ध में अक्षय कुमार का वध करते है। रावण का दूसरा पुत्र मेघनाथ युद्ध के लिए आता है और बंधक बनाकर दरबार में पेश करते हैं।
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दरबार में हनुमान और रावण का संवाद होता है। रावण उनकी पूछ में आग लगवा देते हैं। हनुमान लंका में आग लगा देते हैं और रावण का घमंड चूर चूर कर देते हैं। हनुमान का अभिनय राधेश्याम मित्तल ने किया गया। रावण नरेंद्र सैनी, अंगद भागवंत पाठक, सुरसा विजय पेंटर, विभीषण अभिषेक, अक्षय कुमार रविंद्र भारद्वाज, मेघनाथ- उत्तम याहु, सीता आशु निर्वाल ने अभिनय किया गया।
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