{"_id":"597f7f794f1c1b970d8b4760","slug":"91501527929-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर टैक्स की दर स्पष्ट कराएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर टैक्स की दर स्पष्ट कराएं
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
जीएसटी पर आयोजित कार्यशाला में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव से उद्यमियों ने कृषि यंत्रों पर लगने वाले टैक्स की दर स्पष्ट कराने तथा मंडी शुल्क समाप्त कराने की मांग की गई।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्यकर विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनी। उद्यमियों ने बताया कि शामली जिले में कृषि यंत्रों में इस्तेमाल (रिम, धुरा, एक्सल) का उत्पादन करने वाली इकाइयां स्थापित हैं। जीएसटी में कृषि यंत्रों पर टैक्स की दर 12 प्रतिशत जारी की है, लेकिन कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर दर स्पष्ट नहीं है, जिस कारण इन्हें अवर्गीकृत श्रेणी में मानते हुए वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी 18 प्रतिशत टैक्स बता रहे हैं। पूर्व में कृषि यंत्रों के पार्ट्स को टैक्स से मुक्त रखा गया था।
मांग कि या तो इन्हें टैक्स से मुक्त रखा जाए या फिर टैक्स की दर स्पष्ट की जाए। वहीं, व्यापारियों ने जीएसटी लगने के बावजूद मंडी शुल्क जारी रहने पर आपत्ति जताई और इसे समाप्त कराने की मांग की। सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि वह इस बारे में पत्राचार करेंगे तथा प्रयास किया जाएगा कि कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर टैक्स की दर स्पष्ट कराई जाए। वहीं, उन्होंने वाणिज्यकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यापारी और उद्यमियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जीएसटी हेल्प डेस्क में मुफ्त रजिस्ट्रेशन के लिये व्यवस्था कराई जाए। डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे और डिप्टी कमिश्नर पीडी गुप्ता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जीएसटी के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
मौके पर प्रभारी जिलाधिकारी रेनू तिवारी, एडीएम शिव बहादुर सिंह, एसडीएम सुरजीत सिंह, एडिशनल कमिश्नर विनय अस्थाना, ज्वाइंट कमिश्नर एके जैन, डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे, पीडी गुप्ता, एपी राय, वाणिज्यकर अधिकारी एसपी मलिक के अलावा उद्यमी अशोक बंसल, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, मोहित जैन, प्रविंद्र जैन, अंकित गोयल, व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग, मयंक जैन, सूर्यवीर सिंह, राजेश संगल, प्रवीण गोयल, डॉ. विपिन कौशिक, नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जीएसटी पर आयोजित कार्यशाला में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव से उद्यमियों ने कृषि यंत्रों पर लगने वाले टैक्स की दर स्पष्ट कराने तथा मंडी शुल्क समाप्त कराने की मांग की गई।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्यकर विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनी। उद्यमियों ने बताया कि शामली जिले में कृषि यंत्रों में इस्तेमाल (रिम, धुरा, एक्सल) का उत्पादन करने वाली इकाइयां स्थापित हैं। जीएसटी में कृषि यंत्रों पर टैक्स की दर 12 प्रतिशत जारी की है, लेकिन कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर दर स्पष्ट नहीं है, जिस कारण इन्हें अवर्गीकृत श्रेणी में मानते हुए वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी 18 प्रतिशत टैक्स बता रहे हैं। पूर्व में कृषि यंत्रों के पार्ट्स को टैक्स से मुक्त रखा गया था।
विज्ञापन
मांग कि या तो इन्हें टैक्स से मुक्त रखा जाए या फिर टैक्स की दर स्पष्ट की जाए। वहीं, व्यापारियों ने जीएसटी लगने के बावजूद मंडी शुल्क जारी रहने पर आपत्ति जताई और इसे समाप्त कराने की मांग की। सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि वह इस बारे में पत्राचार करेंगे तथा प्रयास किया जाएगा कि कृषि यंत्रों के पार्ट्स पर टैक्स की दर स्पष्ट कराई जाए। वहीं, उन्होंने वाणिज्यकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि व्यापारी और उद्यमियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जीएसटी हेल्प डेस्क में मुफ्त रजिस्ट्रेशन के लिये व्यवस्था कराई जाए। डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे और डिप्टी कमिश्नर पीडी गुप्ता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से जीएसटी के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
मौके पर प्रभारी जिलाधिकारी रेनू तिवारी, एडीएम शिव बहादुर सिंह, एसडीएम सुरजीत सिंह, एडिशनल कमिश्नर विनय अस्थाना, ज्वाइंट कमिश्नर एके जैन, डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे, पीडी गुप्ता, एपी राय, वाणिज्यकर अधिकारी एसपी मलिक के अलावा उद्यमी अशोक बंसल, अशोक मित्तल, वेदप्रकाश आर्य, मोहित जैन, प्रविंद्र जैन, अंकित गोयल, व्यापारी नेता घनश्यामदास गर्ग, मयंक जैन, सूर्यवीर सिंह, राजेश संगल, प्रवीण गोयल, डॉ. विपिन कौशिक, नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।