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Shamli News: लोन लेकर 8491 लोगों ने नहीं शुरू किया रोजगार, 8.4 करोड़ के बकायदार
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मुजफ्फरनगर। कोविड काल में आर्थिक मदद के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत जिले में वर्ष 2024 के तहत 16582 रेहड़ी-पटरी वालों को लोन के रूप में 16.82 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से 8491 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने ऋण की राशि वापस नहीं की है। इन पर 8.4 करोड़ से अधिक रुपये बकाया है। रुपया लेकर न चुकाने वाले लाभार्थियों की बैंकों ने तलाश शुरू कर दी है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण यानी डूडा के आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत वर्ष 2024 में आवेदन करने वाले 24357 रेहड़ा, पटरी वालों को अब तक 36.41 करोड़ रुपये अलग-अलग तीन किश्तों में दिए जा चुके हैं। इनमें 16582 लाभार्थियों ने पहली किश्त के रूप में 10-10 हजार रुपये प्राप्त किये थे। जो धनराशि 16 करोड़ रुपये से अधिक थी। लेकिन इनमें 8491 लाभार्थियों ने पैसा नहीं चुकाया। जिन पर पहली किश्त का 8.4 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। जबकि पहली किश्त का रुपया वापस कर 6346 लाभार्थियों ने बैंको से दूसरी किश्त के रूप में 20-20 हजार रुपये प्राप्त कर लिये।
लेकिन इनमें से 4141 लोग दूसरी किश्त का पैसा नहीं चुका पाए। इन पर बैंकों का 8.2 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। जिन लोगों ने रुपये वापस नहीं किए हैं, उनकी तलाश की जा रही है। दिक्कत यह है कि कोई लाभार्थी दूसरे शहर में रोजगार करने चला गया जबकि किसी का ठीया तलाश करने पर भी नहीं मिल पा रहा।
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पहली किश्त चुकाने वाले को मिलती है दूसरी किश्त
योजना में प्रावधान है कि अगर कोई लाभार्थी पहला ऋण (शुरुआत में 10,000 रुपये) समय पर वापस कर देता है, तो वह अगले चरण में 20,000 और उन्हें चुकाकर फिर 50,000 रुपये तक के ऋण के लिए पात्र हो जाता है। बैंकों के बकाया वसूली की एक प्रक्रिया है। जिन आवेदकों ने पैसा वापस नहीं किया वे फिर से ऋण के लिए आवेदन नहीं कर सकते । हालांकि मौजूदा वित्तीय वर्ष से ऋण धनराशि में बढ़ोतरी कर दी गई है। अब लाभार्थी को पहली किश्त 15 हजार, दूसरी में 25 और तीसरी किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिये जा रहे हैं।
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6346 लोगों ने पैसा वापस कर दोबारा ऋण भी लिया
जिले के 16582 लाभार्थियों में से 6346 ऐसे हैं जिन्होंने ईमानदारी से ऋण की पहली किश्त चुकाई। उन्होंने बढ़ी हुई राशि के लिए सफलतापूर्वक आवेदन भी किया और दूसरी किश्त के रूप में 20-20 हजार रुपये भी लिये। लेकिन इनमें से 4144 ने दूसरी किश्त का पैसा नहीं लौटाया। केवल 1429 ही तीसरी किश्त के रूप में 50-50 हजार रुपये ले पाए।
वर्जन
दिया गया ऋण न चुकाने वालों का डाटा चेक किया जा रहा है। ऋण लेकर न चुकाने वालों पर बैंक नियमानुसार कार्रवाई करते हैं। पता किया जा जा रहा है कि बैंक दिये गए ऋण की धनराशि वसूली की क्या प्रक्रिया अपना रहे हैं। - पंकज प्रकाश राठौर, सिटी मजिस्ट्रेट एवं पीओ डूडा
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जिला नगरीय विकास अभिकरण यानी डूडा के आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत वर्ष 2024 में आवेदन करने वाले 24357 रेहड़ा, पटरी वालों को अब तक 36.41 करोड़ रुपये अलग-अलग तीन किश्तों में दिए जा चुके हैं। इनमें 16582 लाभार्थियों ने पहली किश्त के रूप में 10-10 हजार रुपये प्राप्त किये थे। जो धनराशि 16 करोड़ रुपये से अधिक थी। लेकिन इनमें 8491 लाभार्थियों ने पैसा नहीं चुकाया। जिन पर पहली किश्त का 8.4 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। जबकि पहली किश्त का रुपया वापस कर 6346 लाभार्थियों ने बैंको से दूसरी किश्त के रूप में 20-20 हजार रुपये प्राप्त कर लिये।
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लेकिन इनमें से 4141 लोग दूसरी किश्त का पैसा नहीं चुका पाए। इन पर बैंकों का 8.2 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। जिन लोगों ने रुपये वापस नहीं किए हैं, उनकी तलाश की जा रही है। दिक्कत यह है कि कोई लाभार्थी दूसरे शहर में रोजगार करने चला गया जबकि किसी का ठीया तलाश करने पर भी नहीं मिल पा रहा।
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पहली किश्त चुकाने वाले को मिलती है दूसरी किश्त
योजना में प्रावधान है कि अगर कोई लाभार्थी पहला ऋण (शुरुआत में 10,000 रुपये) समय पर वापस कर देता है, तो वह अगले चरण में 20,000 और उन्हें चुकाकर फिर 50,000 रुपये तक के ऋण के लिए पात्र हो जाता है। बैंकों के बकाया वसूली की एक प्रक्रिया है। जिन आवेदकों ने पैसा वापस नहीं किया वे फिर से ऋण के लिए आवेदन नहीं कर सकते । हालांकि मौजूदा वित्तीय वर्ष से ऋण धनराशि में बढ़ोतरी कर दी गई है। अब लाभार्थी को पहली किश्त 15 हजार, दूसरी में 25 और तीसरी किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिये जा रहे हैं।
6346 लोगों ने पैसा वापस कर दोबारा ऋण भी लिया
जिले के 16582 लाभार्थियों में से 6346 ऐसे हैं जिन्होंने ईमानदारी से ऋण की पहली किश्त चुकाई। उन्होंने बढ़ी हुई राशि के लिए सफलतापूर्वक आवेदन भी किया और दूसरी किश्त के रूप में 20-20 हजार रुपये भी लिये। लेकिन इनमें से 4144 ने दूसरी किश्त का पैसा नहीं लौटाया। केवल 1429 ही तीसरी किश्त के रूप में 50-50 हजार रुपये ले पाए।
वर्जन
दिया गया ऋण न चुकाने वालों का डाटा चेक किया जा रहा है। ऋण लेकर न चुकाने वालों पर बैंक नियमानुसार कार्रवाई करते हैं। पता किया जा जा रहा है कि बैंक दिये गए ऋण की धनराशि वसूली की क्या प्रक्रिया अपना रहे हैं। - पंकज प्रकाश राठौर, सिटी मजिस्ट्रेट एवं पीओ डूडा