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मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में गांव बदहाल

Sun, 13 May 2018 11:44 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 11:44 PM IST
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मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में  गांव बदहाल
मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में गांव बदहाल
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शामली। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में दो माह पूर्व चयनित गांव ताजपुर सिंभालका, भारसी, व जसाला गांव बदहाल पडे़ हुए हैं। चयनित गांवों में सफाई नहीं होने से नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। गांव में पानी के हैंडपंप खराब होने के कारण पेयजल व्यवस्था ठप हैं। चयनित गांवों की कार्ययोजना का प्रारूप शासन से नहीं आने से तैयार नहीं हो पाई है।

शासन ने दो माह पूर्व जिले के तीन गांवों को मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में शामिल किया था। योजना में 17 सरकारी विभागों द्वारा 24 बिंदुओं पर गांवों की विकास किया जाना है। दो माह बाद भी मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में चयनित गांवों की कार्ययोजना शासन से नहीं आने से विकास योजना तैयार नहीं हो पाई है। शामली जिले के मेेरठ -करनाल मार्ग पर स्थित ताजपुर सिंभालका गांव में मुख्यमार्ग पर स्थित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की काफी समय से चहारदीवारी क्षतिग्रस्त है। मंदिर के सटा हुआ तालाब व 100 मीटर की दूरी पर दूसरा तालाब बदहाल है। खाली प्लाट में गंदगी के ढेर पड़े है। ग्राम प्रधान अवनीश कुमार उर्फ पिंकू के आसपास गांव में पानी का हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। ग्राम प्रधान अवनीश कुमार पिंकू का कहना है कि शासन ने ताजपुुर सिंभालका गांव मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में चयन होने पर दो माह पूर्व उन्हें विकास भवन बुलाकर जानकारी दी गई। योजना में शामिल गांवों की कार्ययोजना तैयार नही हो पाई हैं। गांव में विद्युतीकरण, प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण, श्मशान घाटों का नवीनीकरण, सीसी सडकें, तालाबों का जीर्णोद्धार, दिव्यांग , व़ृद्धावस्था, विधवा पेंशन के कार्य कराए जाएंगे। उधर, कांधला क्षेत्र के भारसी गांव मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में शामिल हैं। गांव भारसी गांव में हैडपंप खराब पडे़ हुए हैं। गौरव शर्मा का कहना है कि गांव में सफाईकर्मी ज्यादातर नदारद हैं। गांव में कभी-कभी आने से नालियां गंदगी से अटी हुई है। महिला जयंती का कहना है कि वह अपनी विधवा पेंशन के लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही हुई हैं। शीला का कहना कि कश्यप बस्ती में कोई सफाई कर्मी नहीं आ पाता है। स्ट्रीट लाइटें अधिकतर खराब हालत में है। सोमदत्त शर्मा का कहना कि गांव में काफी समय से बना पशु चिकित्सालय भी बदहाल है। सेवा राम कहते हैं कि गांव में शिक्षा के लिए तीन स्कूल है। उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को बाहर जाना पड़ता है। गांव मे इंटर कालेज की स्थापना किए जाने की मांग की है। गांव में बिजली के पोल लगे हैं, मगर सौर ऊर्जा से गांव में लाइट की व्यवस्था की गई है। तालाब का विकास नहीं हो सका है। ग्राम्य विकास परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी कहना है कि शासन से गांवों के नाम चयनित होकर आए हैं। जिले के 17 विभागों के 24 बिंदुओं पर गांव में कार्य किए जाएंगे। शासन से कार्ययोजना का प्रारूप शासन से अभी तक नही मिला है।
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