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ोवी मंदिर की भूमि से हटवाया कब्जा, नींव खुदाई शुरु
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:14 AM IST
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कैराना।
मराठा कालीन सिद्धपीठ प्राचीन देवी मंदिर तालाब को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय से पहली किश्त रिलीज होने के बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई में तेजी ला दी है। सोमवार प्रशासन ने मंदिर की 168 बीघा जमीन की बाउंड्रीवाल बनाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई का कार्य शुुरू कर दिया।
दानवीर राजा कर्ण की बसाई धर्मनगरी कैराना में स्थित मराठा कालीन सिद्धपीठ प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए पर्यटन मंत्रालय से पहली किश्त में एक करोड़ रुपये रिलीज भी किए जा चुके हैं। अब प्रशासन ने भी भूमाफियाओं के चंगुल में दबी देवी मंदिर की भूमि को कब्जामुक्त कराना शुरू कर दिया है। मंदिर की शृंखला 168 बीघा के क्षेत्र में है, इसमें से सरकारी अस्पताल, बिजलीघर भी बना हुआ है। इसके अलावा कुछ जमीन पर स्थानीय लोगों का कब्जा भी है। इसी कब्जे को हटवाने के लिए सोमवार को प्रशासन की टीम पहुंची और उन्होंने भूमि पर किए गए कब्जों पर प्रशासन ने महाबली चलवाया। चूंकि मंदिर की भूमि कम नहीं है, इसलिए कई दिन तक प्रशासन की कार्रवाई चलेगी। इसके अलावा तालाब की 168 बीघा जमीन की बाउंड्रीवाल बनवाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई काम भी शुरू कर दिया गया है। उधर देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति के सचिव सुभाष सिंघल ने बताया कि विकास कार्यों के लिए सात करोड़ में से एक करोड़ की किश्त पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने के बाद नींव खुदवाई जा रही है। जहां पर विकास कार्यों के लिए 16 मार्च को भाजपा नेता मृगांका सिंह शिलान्यास करेंगी।
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मराठा कालीन सिद्धपीठ प्राचीन देवी मंदिर तालाब को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय से पहली किश्त रिलीज होने के बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई में तेजी ला दी है। सोमवार प्रशासन ने मंदिर की 168 बीघा जमीन की बाउंड्रीवाल बनाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई का कार्य शुुरू कर दिया।
दानवीर राजा कर्ण की बसाई धर्मनगरी कैराना में स्थित मराठा कालीन सिद्धपीठ प्राचीन देवी मंदिर तालाब पर सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए पर्यटन मंत्रालय से पहली किश्त में एक करोड़ रुपये रिलीज भी किए जा चुके हैं। अब प्रशासन ने भी भूमाफियाओं के चंगुल में दबी देवी मंदिर की भूमि को कब्जामुक्त कराना शुरू कर दिया है। मंदिर की शृंखला 168 बीघा के क्षेत्र में है, इसमें से सरकारी अस्पताल, बिजलीघर भी बना हुआ है। इसके अलावा कुछ जमीन पर स्थानीय लोगों का कब्जा भी है। इसी कब्जे को हटवाने के लिए सोमवार को प्रशासन की टीम पहुंची और उन्होंने भूमि पर किए गए कब्जों पर प्रशासन ने महाबली चलवाया। चूंकि मंदिर की भूमि कम नहीं है, इसलिए कई दिन तक प्रशासन की कार्रवाई चलेगी। इसके अलावा तालाब की 168 बीघा जमीन की बाउंड्रीवाल बनवाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई काम भी शुरू कर दिया गया है। उधर देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति के सचिव सुभाष सिंघल ने बताया कि विकास कार्यों के लिए सात करोड़ में से एक करोड़ की किश्त पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने के बाद नींव खुदवाई जा रही है। जहां पर विकास कार्यों के लिए 16 मार्च को भाजपा नेता मृगांका सिंह शिलान्यास करेंगी।
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