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तीन घंटे रोककर रखी मिल कर्मियों की बस
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:29 PM IST
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रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं लेने से किसानों में रोष
झिंझाना (शामली)। रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं लेने और बकाया भुगतान न होने से किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसानों ने शामली से ऊन शुगर मिल जा रही मिल कर्मियों की बस रोक ली और हंगामा प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक बस को रोककर रखा। बाद में, पुलिस और शुगर मिल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद मिल कर्मियों की बस को रवाना किया गया।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे शामली से ऊन शुगर मिल जा रही कर्मचारियों की बस को गांव सिकंदरपुर स्थित गन्ना तौल केंद्र के पास किसानों ने रोक लिया। बस में बैठे कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलने पर ऊन शुगर मिल से अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे तथा झिंझाना थाना पुलिस भी वहां आ गई। किसानों का कहना था कि रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा सामान्य व अगैती प्रजाति के गन्ने की पर्ची की तारीख भी नहीं बदली जा रही है। पिछला बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान भी नहीं हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन किसानों का उत्पीड़न कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) प्रताप सिंह और जोनल इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि मिल द्वारा 11 करोड़ रुपये का पिछला भुगतान किया है, जिसमें तीन करोड़ रुपये सिंकदरपुर के किसानों का शामली समिति का है। बाकी साढ़े चार करोड़ रुपये भुगतान जल्दी ही किया जाएगा। मिल अधिकारी ने बताया कि किसानों का गन्ना लिया जा रहा है। अगेती प्रजाति के गन्ने की पर्ची की तारीख बदलकर गन्ना लिया जा रहा है। करीब तीन घंटे बाद मिल अधिकारियों और थाना प्रभारी संदीप बालियान ने किसानों से वार्ता करके समझौता कराया। इसके बाद ही शुगर मिल कर्मचारियों की बस को दोपहर करीब 12 बजे रवाना कराया जा सका। उधर, किसान पप्पू सरोहा, बंटी तोमर, सतेंद्र तोमर, सुधीर तोमर बिल्लू चौधरी, डाक्टर रोहित तोमर, पुरमाफी समिति के चेयरमैन पुष्पेंद्र, सहेद्र पिंकू और अमित आदि का कहना है कि शुगर मिल प्रबंधन किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। यदि किसानों की मांगे पूरी नहीं की गई, तो फिर से शुगर मिल कर्मियों को बंधक बना लिया जाएगा।
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झिंझाना (शामली)। रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं लेने और बकाया भुगतान न होने से किसानों का गुस्सा भड़क गया। किसानों ने शामली से ऊन शुगर मिल जा रही मिल कर्मियों की बस रोक ली और हंगामा प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक बस को रोककर रखा। बाद में, पुलिस और शुगर मिल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद मिल कर्मियों की बस को रवाना किया गया।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे शामली से ऊन शुगर मिल जा रही कर्मचारियों की बस को गांव सिकंदरपुर स्थित गन्ना तौल केंद्र के पास किसानों ने रोक लिया। बस में बैठे कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसकी सूचना मिलने पर ऊन शुगर मिल से अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे तथा झिंझाना थाना पुलिस भी वहां आ गई। किसानों का कहना था कि रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं लिया जा रहा है। इसके अलावा सामान्य व अगैती प्रजाति के गन्ने की पर्ची की तारीख भी नहीं बदली जा रही है। पिछला बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान भी नहीं हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन किसानों का उत्पीड़न कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त महाप्रबंधक (केन) प्रताप सिंह और जोनल इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि मिल द्वारा 11 करोड़ रुपये का पिछला भुगतान किया है, जिसमें तीन करोड़ रुपये सिंकदरपुर के किसानों का शामली समिति का है। बाकी साढ़े चार करोड़ रुपये भुगतान जल्दी ही किया जाएगा। मिल अधिकारी ने बताया कि किसानों का गन्ना लिया जा रहा है। अगेती प्रजाति के गन्ने की पर्ची की तारीख बदलकर गन्ना लिया जा रहा है। करीब तीन घंटे बाद मिल अधिकारियों और थाना प्रभारी संदीप बालियान ने किसानों से वार्ता करके समझौता कराया। इसके बाद ही शुगर मिल कर्मचारियों की बस को दोपहर करीब 12 बजे रवाना कराया जा सका। उधर, किसान पप्पू सरोहा, बंटी तोमर, सतेंद्र तोमर, सुधीर तोमर बिल्लू चौधरी, डाक्टर रोहित तोमर, पुरमाफी समिति के चेयरमैन पुष्पेंद्र, सहेद्र पिंकू और अमित आदि का कहना है कि शुगर मिल प्रबंधन किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। यदि किसानों की मांगे पूरी नहीं की गई, तो फिर से शुगर मिल कर्मियों को बंधक बना लिया जाएगा।
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