{"_id":"5a2ed8c34f1c1ba7678c0f9b","slug":"81513019587-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान पाठशाला के तहत किसानों को किया जाएगा प्रशिक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान पाठशाला के तहत किसानों को किया जाएगा प्रशिक्षित
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना।
किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ ही गांवों में अधिकारियों की टीम महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार के अवसर पैदा कराएंगे।
कैराना ब्लाक में 11 दिसंबर से 15 दिसंबर तक मामौर, बरनावी, बीनडा, हिंगोखेडी, बधेव व मलकपुर में किसान पाठशाला शुरू की गई है। इसमें ट्रेनर ग्रामीण किसानों को उन्नतशील फसलों के बीजों, खाद, उवर्रक, कीटनाशक दवाइयों के प्रयोगों व अच्छी प्रजाति के पशुओं के पालन के लिए प्रशिक्षण देंगे, ताकि ग्रामीण किसानों की आय दोगुनी हो सके तथा गांव में खुशहाली आए।
एडीओ पंचायत धर्मसिंह ने बताया कि इसी योजना में महिलाओं को स्वरोजगार देने के अवसर दिए जाएंगे। गांवों में महिला स्वयं सहायता समूह बनाए जा रहे हैैं। प्रत्येक समूह में 10 से 20 तक गरीब महिलाएं होंगी। महिलाओं को बचत करा कर सामूहिक रूप से बैंक खाता खुलवा कर उसमें हर महीने रकम जमा कराई जाएगी। उक्त समूह की महिलाओं में से एक महिला अध्यक्ष, एक सचिव व एक कोषाध्यक्ष बनेगी। जो बचत को प्रोत्साहन देने के साथ ही बैंक खातों की देखरेख रखेगी। एक समूह को तीन माह पूरा होने के बाद सरकार 15 हजार रुपये का अनुदान देगी। साथ ही छह माह पूरा होने पर सरकार सात प्रतिशत के न्यूनतम ब्याज पर 50 हजार का लोन बैंकों से दिलाएगी, ताकि गरीब परिवार की महिलाएं गांव में ही सिलाई, कढाई, भैंस पालन, अचार, मुरब्बा आदि बनाने के लघु कार्य करके रोजगार के मामले में आगे बढ़े ओर अपने परिवार के साथ ही गांव के विकास में भागीदार बन सके।
विज्ञापन
किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ ही गांवों में अधिकारियों की टीम महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार के अवसर पैदा कराएंगे।
कैराना ब्लाक में 11 दिसंबर से 15 दिसंबर तक मामौर, बरनावी, बीनडा, हिंगोखेडी, बधेव व मलकपुर में किसान पाठशाला शुरू की गई है। इसमें ट्रेनर ग्रामीण किसानों को उन्नतशील फसलों के बीजों, खाद, उवर्रक, कीटनाशक दवाइयों के प्रयोगों व अच्छी प्रजाति के पशुओं के पालन के लिए प्रशिक्षण देंगे, ताकि ग्रामीण किसानों की आय दोगुनी हो सके तथा गांव में खुशहाली आए।
एडीओ पंचायत धर्मसिंह ने बताया कि इसी योजना में महिलाओं को स्वरोजगार देने के अवसर दिए जाएंगे। गांवों में महिला स्वयं सहायता समूह बनाए जा रहे हैैं। प्रत्येक समूह में 10 से 20 तक गरीब महिलाएं होंगी। महिलाओं को बचत करा कर सामूहिक रूप से बैंक खाता खुलवा कर उसमें हर महीने रकम जमा कराई जाएगी। उक्त समूह की महिलाओं में से एक महिला अध्यक्ष, एक सचिव व एक कोषाध्यक्ष बनेगी। जो बचत को प्रोत्साहन देने के साथ ही बैंक खातों की देखरेख रखेगी। एक समूह को तीन माह पूरा होने के बाद सरकार 15 हजार रुपये का अनुदान देगी। साथ ही छह माह पूरा होने पर सरकार सात प्रतिशत के न्यूनतम ब्याज पर 50 हजार का लोन बैंकों से दिलाएगी, ताकि गरीब परिवार की महिलाएं गांव में ही सिलाई, कढाई, भैंस पालन, अचार, मुरब्बा आदि बनाने के लघु कार्य करके रोजगार के मामले में आगे बढ़े ओर अपने परिवार के साथ ही गांव के विकास में भागीदार बन सके।
विज्ञापन