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जिले में 77 बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को खोया

Thu, 03 Jun 2021 12:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:10 AM IST
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77 children lost one of the parents in the district
जिले में 77 बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को खोया
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शामली। कोरोना की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। प्रशासन की ओर से कराए जा रहे सर्वे में अब तक तीन भाई-बहन ऐसे मिले हैं, जिनके माता-पिता की मौत हुई है, जबकि 77 बच्चों ने अपने माता-पिता में से किसी एक को खो दिया। अभी सर्वे चल रहा है। मृतकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन अमर उजाला में अपनत्व अभियान के तहत प्रकाशित हो रहे मामलों को भी अपने सर्वे में शामिल कर रहा है।
डीएम जसजीत कौर ने बताया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान अनाथ एवं एकल हुए बच्चों की सूचना की फीडिंग बाल स्वराज के पोर्टल पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाल स्वराज के पोर्टल पर अब तक 80 बच्चों की फीडिंग की गई है, जिसमें से माता व पिता दोनों की कोविड-19 के कारण मृत्यु होने वाले अनाथ बच्चों की संख्या तीन है। ये तीनों भाई-बहन हैं। इसके अलावा माता और पिता दोनों में से किसी एक की कोविड-19 के कारण मृत्यु होने वाले एकल बच्चों की संख्या 77 है। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों की सूचना ग्राम प्रधान, ग्राम निगरानी समिति, मोहल्ला निगरानी समिति एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से भी प्राप्त की जा रही है। ऐसे बच्चों को लाभ दिलाने के लिए विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।
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आईआईए के पदाधिकारी कर रहे मदद
शामली। कोरोना के कारण जिस परिवार में कमाने वाले की मौत हो गई है, आईआईए उनकी मदद कर रही है। आईआईए शामली के अध्यक्ष अशोक मित्तल ने बताया कि जब भी समाज में कभी आपदा आई है, तो आईआईए ने अपने सामाजिक दायित्वों क़ो बड़ी सजगता से निभाया है। कमाऊ व्यक्ति को खो चुके कोरोना पीड़ित परिवारों में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। आईआईए ऐसे परिवारों की मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब आठ परिवारों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। ऐसे परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। यदि परिवार का कोई सदस्य काम करने लायक है तो उसे नौकरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला यदि सिलाई-कढ़ाई या अन्य कोई काम कर जीविकोपार्जन करना चाहती है, तो उसे काम शुरू करने में मदद की जा रही है। इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई व अन्य प्रकार की मदद की जा रही है। इस कार्य में आईआईए पदाधिकारी अशोक बंसल, अनुज गर्ग, विशाल गुप्ता, शिशिर जैन समेत पूरी आईआईए टीम का सहयोग मिल रहा है।
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