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पश्चिमी उतर प्रदेश को अलग राज्य बनना चाहिए- राजभर

Sun, 02 Sep 2018 11:00 PM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:00 PM IST
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पश्चिमी उतर प्रदेश को अलग राज्य बनना चाहिए- राजभर
ऊन(शामली)। प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का समुचित विकास कराने के लिए अलग प्रदेश बनाने की मांग जायज है। इसके लिए सभी लोगों को भेदभाव भूलकर एकजुट होना पड़ेगा।
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रविवार को ऊन कस्बा में बाईपास पर स्थित संत समनदास मंदिर सत्संग भवन में उत्तम प्रदेश निर्माण संगठन (अराजनैतिक) की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर पंचायत का आयोजन किया गया। उसमें प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि रहे। कहा कि उत्तम प्रदेश से गठन की मांग जायज है। क्योंकि तभी इस क्षेत्र का अपेक्षित विकास हो सकेगा। 2019 लोकसभा चुनाव में लोगों को इसी बात को ध्यान में रखकर वोट देनी होगी। जो भी प्रत्याशी आपसे वोट मांगने आए, उससे स्पष्ट कह देना कि उत्तम प्रदेश बनाते हो, तो हम समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक स्वार्थ में जनता को हिंदू मुस्लिम में बांटने का प्रयास करेंगे, लेकिन ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। आपको सिर्फ विकास के नाम पर वोट देनी चाहिए।
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वहीं, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार पंवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश को चार प्रांतों में बांटना चाहिए। ताकि सुशासन सुनिश्चित करके निवेश बढ़ाया जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उत्तर प्रदेश में जनसंख्या के हिसाब से केंद्रीय संसाधनों का समान वितरण कभी नहीं होता। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हाईकोर्ट इलाहाबाद जाने के लिए 700 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। मनरेगा में यूपी के मजदूरों को 171 ऊपर प्रतिदिन की दिहाड़ी मिलती है, जबकि हरियाणा में 281 रुपये दिए जाते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाएं होने के बावजूद सुविधाओं का अभाव है।
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इस दौरान कार्यक्रम संयोजक संजीव चिकारा, जिलाध्यक्ष शबाब हैदर, देवेंद्र मास्टर, ऊन चेयरमैन कुलदीप मान, नीटू, हरिंदर, तेजपाल गुर्जर, रवि सिरोही, अनिल, रामपाल और तेजवीर आदि लोग प्रमुुख रूप से मौजूद रहे।
वहीं, ऊन तहसील संघर्ष समिति के संयोजक तेजपाल गुर्जर ने केबिनेट मंत्री को ऊन तहसील में रजिस्ट्री दफ्तर की स्थापना, सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाने एवं तहसील में अधिवक्ताओं के बैठने हेतु जगह की मांग रखी। वहीं, अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने तहसील में चेंबर हेतु भूमि की मांग रखी। कार्यक्रम का संचालन संजीव चिकारा जिलाध्यक्ष ने किया।
गुजरात की तर्ज पर हो शराब बंदी : राजभर
चौसाना। बिड़ौली मार्ग पर स्थित एक फार्मा कंपनी परिसर में कश्यप विकास सामाजिक समिति के तत्वावधान में भागीदारी सम्मेलन आयोजित किया गया।
उसमें प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि हम हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं करते, लोगों के हितों की राजनीति करते हैं। सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट कहती है कि देश के 60 फीसदी लोग अशिक्षित हैं, जिसके लिए हमने सरकार से मांग की है कि पढ़े लिखे बीएड व बीटीसी पास नौजवानों को कानून बनाकर ऑउट सोर्सिंग व संविदा के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय में नौकरी दी जाए। आरक्षण पर कहा कि पिछड़ा व सामान्य वर्ग के लोगों को भी फ्री शिक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पिछड़ी जाति के लोग भी दारोगा, तहसीलदार व डीएम बन सकें और समाज को सुधारने का काम कर सकें। हमने सरकार से मांग की है कि बिहार व गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शराब बंदी की जाए। शराब पीने से पीढ़ियां बर्बाद हो रही हैं, लोग मर रहे है। 25 से 40 प्रतिशत तक बलात्कार जैसी घटनायें भी शराब की वजह से हो रही है। हमारा मकसद शामली में राजनीति करना नहीं है। कल आप अंग्रेजों के गुलाम थे और आज इन नेताओं के गुलाम बन गए हैं। हम चाहते हैं कि शिक्षा के सभी को समान अवसर मिलें। बेटियों को भी अच्छी पढ़ाई की व्यवस्था मिले, क्योंकि बेटियों के पढ़ने से दो परिवारों में सुधार होता है।

उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए। हमने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से इस बारे में बात की है। लोकसभा चुनाव के 6 महीने पहले हम पिछडे़ वर्ग के लोगों को उचित आरक्षण की व्यवस्था को पूरा कराकर ही मानेंगे। अध्यक्षता मोहर सिंह कश्यप ने की। इस दौरान रामपाल प्रधान खेड़ी-खुशनाम, अमर सिंह, संजीव प्रधान, प्रवीण कश्यप, सुरेंद्र कश्यप, मांगेराम, बिजेन्द्र कश्यप और बाबूराम सहित मौजूद रहे।
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