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ग्रामीणों ने विरोध करके सेतु निगम की जेसीबी को तीन दिन गांव मे रोका
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:04 AM IST
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ग्रामीणों ने विरोध करके सेतु निगम की जेसीबी को तीन दिन गांव में रोका
शामली। सल्फा गांव में ग्रामीणों ने विरोध करके उत्तर प्रदेश सेतु निगम की जेेसीबी को तीन दिन तक रोके रखा। डीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर जेसीबी को निकलवाया। ग्रामीण भूमि के मुआवजा दिलाए जाने की मांग कर रहे थे।
कांधला क्षेत्र के सल्फा गांव में कृष्णा नदी का सेतु प्रस्तावित है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इस सेतु के निर्माण का झिंझाना आगमन पर शिलान्यास कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सेतुुुु निर्माण निगम द्वारा मेरठ- करनाल मार्ग पर काबड़ौत में चार लेन का सेतु का निर्माण पिछले चार माह से चल रहा है। सल्फा गांव में कृष्णा नदी के सेतु का कार्य ग्रामीणों के विरोध के चलते उत्तर प्रदेश सेतु निगम शुरू नहीं कर पाया था। सेतु निगम की जेसीबी को लेकर तीन दिन पहले सल्फा गांव मे लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने गांव से लेकर कृष्णा नदी तक मशीन को ले जाने का विरोध करते हुए खड़ा करा लिया था। बुधवार को क्षेत्रीय विधायक तेजेंद्र निर्वाल के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को पूरे मामले से अवगत कराते हुए समस्या के समाधान कराने का अनुरोध किया था। डीएम ने एसडीएम सदर दुष्यंत मौर्य को मौके पर पहुंचकर समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। मामले की सूचना पर नायब तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने मौके पर जानकारी ली। निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा रखा है। नदी के मार्ग में कुछ किसानों की भूमि आरही है, जिसका वह मुआवजा मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेसीबी को कृष्णा नदी तक पहुंचा दिया है। अधिकारियों ने मुआवजा दिए जाने की बात स्वीकार की है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने मेरठ- करनाल मार्ग पर काबड़ौत में कृष्णा नदी पर चार लेन के सेतु का मौका मुआवना किया। एसडीएम सदर दुष्यंत मौर्य ने बताया कि सल्फा गांव का विवाद का समाधान हो गया है।
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शामली। सल्फा गांव में ग्रामीणों ने विरोध करके उत्तर प्रदेश सेतु निगम की जेेसीबी को तीन दिन तक रोके रखा। डीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर जेसीबी को निकलवाया। ग्रामीण भूमि के मुआवजा दिलाए जाने की मांग कर रहे थे।
कांधला क्षेत्र के सल्फा गांव में कृष्णा नदी का सेतु प्रस्तावित है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य इस सेतु के निर्माण का झिंझाना आगमन पर शिलान्यास कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश सेतुुुु निर्माण निगम द्वारा मेरठ- करनाल मार्ग पर काबड़ौत में चार लेन का सेतु का निर्माण पिछले चार माह से चल रहा है। सल्फा गांव में कृष्णा नदी के सेतु का कार्य ग्रामीणों के विरोध के चलते उत्तर प्रदेश सेतु निगम शुरू नहीं कर पाया था। सेतु निगम की जेसीबी को लेकर तीन दिन पहले सल्फा गांव मे लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने गांव से लेकर कृष्णा नदी तक मशीन को ले जाने का विरोध करते हुए खड़ा करा लिया था। बुधवार को क्षेत्रीय विधायक तेजेंद्र निर्वाल के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को पूरे मामले से अवगत कराते हुए समस्या के समाधान कराने का अनुरोध किया था। डीएम ने एसडीएम सदर दुष्यंत मौर्य को मौके पर पहुंचकर समस्या का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। मामले की सूचना पर नायब तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने मौके पर जानकारी ली। निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने बताया कि सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा रखा है। नदी के मार्ग में कुछ किसानों की भूमि आरही है, जिसका वह मुआवजा मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेसीबी को कृष्णा नदी तक पहुंचा दिया है। अधिकारियों ने मुआवजा दिए जाने की बात स्वीकार की है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल सिंह ने मेरठ- करनाल मार्ग पर काबड़ौत में कृष्णा नदी पर चार लेन के सेतु का मौका मुआवना किया। एसडीएम सदर दुष्यंत मौर्य ने बताया कि सल्फा गांव का विवाद का समाधान हो गया है।
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