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अब यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम भी हुआ सीबीएसई पैटर्न पर आधारित

Sun, 08 Apr 2018 12:44 AM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:44 AM IST
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अब यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम भी हुआ सीबीएसई पैटर्न पर आधारित
शामली।
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प्रदेश सरकार के आदेश पर नए सत्र से यूपी बोर्ड में भी एनसीईआरटी की किताबें चलेगी। वहीं सीबीएसई की तर्ज पर ही यूपी बोर्ड ने पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। जिसके चलते इस वर्ष की यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा में दस पेपर की जगह केवल पांच पेपर होंगे।
इंजीनियरिंग व मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाएं सीबीएसई के ही पैटर्न पर होती रही है। सीबीएसई और यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम अलग होने के कारण इन परीक्षाओं में यूपी बोर्ड के छात्र-छात्रा पीछे रह जाते थे। जिसके चलते सरकार ने दोनों बोर्ड के पाठ्यक्रमों को समान बना कर दिया है। कक्षा-9 से 12वीं का पाठ्यक्रम सीबीएसई के पैटर्न पर कर दिया गया है। वहीं एनसीईआरटी की किताबें भी लागू कर दी है। आरके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लोकेंद्र कुमार ने बताया कि सीबीएसई और यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम 80 प्रतिशत एक जैसे थे। मगर अब सरकार ने यह शत प्रतिशत पाठ्यक्रम समान कर दिया है। इंटर में पहले हर विषय के दो पेपर होते थे, लेकिन 2019 की बोर्ड परीक्षा में सभी विषयों का एक-एक पेपर ही होगा। बदलाव केवल इतना होगा कि सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है जबकि यूपी बोर्ड में हिंदी मीडियम से पढ़ाई कराई जाएगी।
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छात्र-छात्राओं पर नहीं पड़ेगी महंगाई की मार
एनसीईआरटी की किताबें काफी सस्ती हैं। जबकि प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें कई गुणा महंगी हैं। एनसीईआरटी की किताबों में सबसे महंगी किताब गणित विषय की है, जिसकी कीमत 72 रुपये है। जबकि सबसे सस्ती किताब अर्थशास्त्र विषय की है यह किताब केवल 11 रुपये की है। जबकि प्राइवेट पब्लिशर्स की यही किताब दो से तीन गुणा दामों में दी जा रही है। एनसीईआरटी की किताबें लागू होने से यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों पर अधिक महंगाई की मार नहीं पडे़गी।
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बाजार में कुछ ही विषयों की किताबें पहुंची
शहर के बड़े बाजार स्थित कॉलेज बुक डिपो के नाम से किताब विक्रेता का कहना है कि अभी किताबें पूरी नहीं आ सकी है। जिसमें अभी कक्षा अर्थशास्त्र, गणित, सामाजिक विज्ञान की किताबें ही पहुंची हैं। बताया कि बाजार में सभी विषयों की किताबें आने में लगभग चार से पांच दिन अभी और लग सकते हैं। हिंदी और अंग्रेजी विषय की किताबें कल तक आने की उम्मीद है। बच्चें किताबें लेने के लिए आते हैं, लेकिन कोर्स पूरा न होने से वापस भेजना पड़ रहा है।
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