फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   खाप पंचायतों पर लगाम लगाना गलत

खाप पंचायतों पर लगाम लगाना गलत

Thu, 18 Jan 2018 01:01 AM IST
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:01 AM IST
विज्ञापन
खाप पंचायतों पर लगाम लगाना गलत
शामली।
विज्ञापन

अंतरजातीय विवाह को लेकर खाप पंचायतों पर लगाम लगाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के रुख से खाप चौधरियों में बेचैनी बढ़ गई है। एक तरफ न्यायालय के सम्मान की बात की जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ सगोत्रीय विवाह की खिलाफत बरकरार रखने की बात खापों के चौधरी कह रहे हैं। उनका कहना है कि समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ हमेशा से खाप कार्य करती रही है। सगोत्रीय विवाह की वजह से सामाजिक व्यवस्था चरमरा सकती है, जिसके चलते सगोत्रीय विवाह का विरोध होता रहेगा।

मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अंतरजातीय विवाह करने वाले बालिग जोड़े पर खाप पंचायतों या अन्य संगठनों का किसी भी प्रकार का हमला गैरकानूनी है। अगर दो वयस्क विवाह करते हैं, तो कोई खाप पंचायत उस पर सवाल खड़ा नहीं कर सकती है। इसको लेकर खाप चौधरियों ने अपनी राय दी है। उनका कहना है कि न्यायालय अपना कार्य करता है, लेकिन सामाजिक व्यवस्था ठीक ढंग से भी चलनी जरूरी है। इस बारे में गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन सिंह मलिक का कहना है कि आज तक किसी खाप ने ऑनर किंलिंग का फैसला नहीं सुनाया। न्यायालय सर्वोपरि है, लेकिन खाप भी समाज हित में कार्य करती आई है और करती रहेगी। बतीसा खाप के चौधरी सूरजमल का कहना है कि खाप ने हमेशा ही सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। सगोत्रीय विवाह होने की वजह से समाज में कई प्रकार की बुराइयां पैदा होती हैं, जिस कारण सगोत्रीय विवाह का विरोध होता है। उसमें किसी तरह की पाबंदी नहीं होनी चाहिए। वहीं, गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह का कहना है कि समाज अपना कार्य कर रहा है। सामाजिक दायरे में विवाद निपटाने का प्रयास ही खाप करती हैं। खाप ऐसा कोई निर्णय नहीं सुनाता है, जिससे समाज को आपत्ति हो। सगोत्रीय विवाह तो गलत है, उसे समाज स्वीकार नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed