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छोड़ी गई एक बीघा भूमि की जांच व दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:57 PM IST
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कार्रवाई की मांग
शामली। कैराना क्षेत्र के झाड़खेड़ी गांव निवासी संजय कुमार सैनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि ग्राम झाड़खेडी गांव में 33।11केवी के के नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र की आरक्षित भूमि के खसरा नंबर 412 की बेशकीमती भूमि छोड़ने की शिकायत की गई थी। शिकायत पर मेरठ के पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने 14 फरवरी 2013 को शामली विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता निर्माणाधीन बिजलीघर में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कर शिकायत को सही पाया था। इस मामले में जांच रिपोर्ट 20 मार्च 2013 को प्रबंध निदेशक मेरठ को भेजकर बिजली वितरण खंड द्वितीय के तत्कालीन अधिशासी अभियंता वीके पांडे को दोषी माना था। पीड़ित ने शिकायत में अवगत कराया कि पांच साल होने के बाद तत्कालीन बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता के दोषी होने पर कोई भी कार्रवाई नही गई है। झाड़खेडी बिजली उपकेंद्र के लिए छोड़ी गई एक बीघा भ्रूमि बेशकीमती है। बिजलीघर की छोड़ी गई भूमि के अवैध कब्जा किए जा रहे हैं। उन्होने पूरे प्रकरण की जांच करके दोषी बिजली अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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शामली। कैराना क्षेत्र के झाड़खेड़ी गांव निवासी संजय कुमार सैनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि ग्राम झाड़खेडी गांव में 33।11केवी के के नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र की आरक्षित भूमि के खसरा नंबर 412 की बेशकीमती भूमि छोड़ने की शिकायत की गई थी। शिकायत पर मेरठ के पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक ने 14 फरवरी 2013 को शामली विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता निर्माणाधीन बिजलीघर में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कर शिकायत को सही पाया था। इस मामले में जांच रिपोर्ट 20 मार्च 2013 को प्रबंध निदेशक मेरठ को भेजकर बिजली वितरण खंड द्वितीय के तत्कालीन अधिशासी अभियंता वीके पांडे को दोषी माना था। पीड़ित ने शिकायत में अवगत कराया कि पांच साल होने के बाद तत्कालीन बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता के दोषी होने पर कोई भी कार्रवाई नही गई है। झाड़खेडी बिजली उपकेंद्र के लिए छोड़ी गई एक बीघा भ्रूमि बेशकीमती है। बिजलीघर की छोड़ी गई भूमि के अवैध कब्जा किए जा रहे हैं। उन्होने पूरे प्रकरण की जांच करके दोषी बिजली अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है।