{"_id":"59a9ab3b4f1c1b08278b4b73","slug":"61504291643-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगी इच्छा मृत्यु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगी इच्छा मृत्यु
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगी इच्छा मृत्यु
शामली। कोतवाली शामली क्षेत्र के गांव काबड़ौत निवासी मोहित मलिक की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार दुखी है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
गांव काबड़ौत निवासी सुशीला देवी पत्नी सोमपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि उनके बेटे मोहित मलिक की 29 सितंबर 2016 को धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में गांव के ही युवक अंकित को पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ा था। छानबीन में उसे हत्यारोपी भी मान लिया था, लेकिन बाद में भाजपा नेताओं के दबाव में आकर उसको छोड़ दिया गया। सुशीला का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने के कारण सदमा लगने की वजह से उसके पति सोमपाल बीमार भी पड़ गया। उनकी मांग है कि आरोपी को गिरफ्तार कराया जाए, या फिर उसे और उसके परिवार को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
शामली। कोतवाली शामली क्षेत्र के गांव काबड़ौत निवासी मोहित मलिक की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार दुखी है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
गांव काबड़ौत निवासी सुशीला देवी पत्नी सोमपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया कि उनके बेटे मोहित मलिक की 29 सितंबर 2016 को धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में गांव के ही युवक अंकित को पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ा था। छानबीन में उसे हत्यारोपी भी मान लिया था, लेकिन बाद में भाजपा नेताओं के दबाव में आकर उसको छोड़ दिया गया। सुशीला का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न होने के कारण सदमा लगने की वजह से उसके पति सोमपाल बीमार भी पड़ गया। उनकी मांग है कि आरोपी को गिरफ्तार कराया जाए, या फिर उसे और उसके परिवार को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन