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निराश शिक्षामित्रों ने दूसरे दिन निकाला पैदल मार्च
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:22 AM IST
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निराश शिक्षा मित्रों ने दूसरे दिन निकाला पैदल मार्च
शामली। समायोजन निरस्त होने से निराश शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षामित्रों ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक बेमियादी धरना जारी रहेगा। शिक्षामित्रों ने पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंच एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की गई।
बृहस्पतिवार को संयुक्त शिक्षामित्र संघ के बैनरतले संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल चौधरी के नेतृत्व में शिक्षामित्रों को दूसरे दिन भी बनत स्थित बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। यहां से शिक्षामित्र एकत्र होकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम से मिले, जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरजीत सिंह को सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल ने कहा कि हम सहायक अध्यापक पद के लिए किसी भी परीक्षा से गुजर जाने को तैयार हैं। बस हमारा सहायक अध्यापक पद निरंतर बना रहे। प्रमोद शर्मा ने कहा कि हमें सहायक अध्यापक के अलावा कोई भी पद स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, तब तक कोई शिक्षक और शिक्षामित्र स्कूलों में नही जाएंगे। इसके बाद शिक्षामित्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान चैनपाल सिंह, तनसीफ, प्रमोद शर्मा, इरफान खान, अमित, अनुज शर्मा, अनीता, सुनीता, संगीता, सारिका आदि मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट में शिक्षिका हुई बेहोश
बीएसए ऑफिस से पैदल मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचते ही गर्मी के कारण शिक्षामित्र संगीता बेहोश हो गई। इसकेबाद उसको सहयोगी साथियों ने पानी पिलाया। इसके बाद शिक्षिका होश में आ सकी।
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जिले के 80 प्राथमिक स्कूलों में लटके ताले
जनपद में तैनात 855 समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र निराश हैं। कैरियर को खतरे में पढ़ता देख शिक्षामित्र आंदोलन करने को मजबूर हो गए। पूरे जनपद में 538 प्राथमिक स्कूल है, जिनमें करीब 80 प्राथमिक स्कूलों में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र ही तैनात हैं। बुधवार को स्कूलों के बंद रहने की संख्या लगभग 50 के करीब थी, लेकिन बृहस्पतिवार को धरने में संख्या बढ़ने के कारण ऐसे सभी स्कूलों में ताले लटक गए। नतीजतन सभी स्कूलों के बच्चे सुबह स्कूल तो पहुंचे, लेकिन ताला बंद देखने के बाद घर लौट गए। ऊन ब्लॉक में 855 शिक्षामित्रों में से 709 का समायोजन हो गया था. जिसमें दो शिक्षामित्रों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि एक को निलंबित किया गया तो एक का अभी मानदेय रोका गया है। इसके बाद फिलहाल 705 को सहायक शिक्षक का मानदेय दिया जा रहा है। 146 शिक्षामित्र अभी भी असमायोजित हैं। 705 सहायक शिक्षकों में से 317 शिक्षकों ने टीईटी की परीक्षा पास कर रखी है।
-वर्जन-
कार्यवाहक बीएसए योगेश गुप्ता ने बताया कि बीएसए किसी कार्य से लखनऊ गए हुए हैं। सभी ब्लाकों के स्कूलों से शिक्षामित्रों की तैनाती का डाटा मांगा गया है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत ऊन ब्लॉक के स्कूलों में आई है, जहां पर सबसे ज्यादा शिक्षामित्र तैनात थे। बीएसए के आने के बाद बैठक कर सोमवार तक स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के बारे में विचार किया जाएगा, जिससे स्कूल बंद नहीं रह सके।
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शामली। समायोजन निरस्त होने से निराश शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षामित्रों ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक बेमियादी धरना जारी रहेगा। शिक्षामित्रों ने पैदल मार्च निकालकर कलक्ट्रेट पहुंच एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की गई।
बृहस्पतिवार को संयुक्त शिक्षामित्र संघ के बैनरतले संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल चौधरी के नेतृत्व में शिक्षामित्रों को दूसरे दिन भी बनत स्थित बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। यहां से शिक्षामित्र एकत्र होकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम से मिले, जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरजीत सिंह को सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष चैनपाल ने कहा कि हम सहायक अध्यापक पद के लिए किसी भी परीक्षा से गुजर जाने को तैयार हैं। बस हमारा सहायक अध्यापक पद निरंतर बना रहे। प्रमोद शर्मा ने कहा कि हमें सहायक अध्यापक के अलावा कोई भी पद स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, तब तक कोई शिक्षक और शिक्षामित्र स्कूलों में नही जाएंगे। इसके बाद शिक्षामित्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान चैनपाल सिंह, तनसीफ, प्रमोद शर्मा, इरफान खान, अमित, अनुज शर्मा, अनीता, सुनीता, संगीता, सारिका आदि मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट में शिक्षिका हुई बेहोश
बीएसए ऑफिस से पैदल मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचते ही गर्मी के कारण शिक्षामित्र संगीता बेहोश हो गई। इसकेबाद उसको सहयोगी साथियों ने पानी पिलाया। इसके बाद शिक्षिका होश में आ सकी।
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जिले के 80 प्राथमिक स्कूलों में लटके ताले
जनपद में तैनात 855 समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र निराश हैं। कैरियर को खतरे में पढ़ता देख शिक्षामित्र आंदोलन करने को मजबूर हो गए। पूरे जनपद में 538 प्राथमिक स्कूल है, जिनमें करीब 80 प्राथमिक स्कूलों में समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्र ही तैनात हैं। बुधवार को स्कूलों के बंद रहने की संख्या लगभग 50 के करीब थी, लेकिन बृहस्पतिवार को धरने में संख्या बढ़ने के कारण ऐसे सभी स्कूलों में ताले लटक गए। नतीजतन सभी स्कूलों के बच्चे सुबह स्कूल तो पहुंचे, लेकिन ताला बंद देखने के बाद घर लौट गए। ऊन ब्लॉक में 855 शिक्षामित्रों में से 709 का समायोजन हो गया था. जिसमें दो शिक्षामित्रों की मृत्यु हो चुकी है। जबकि एक को निलंबित किया गया तो एक का अभी मानदेय रोका गया है। इसके बाद फिलहाल 705 को सहायक शिक्षक का मानदेय दिया जा रहा है। 146 शिक्षामित्र अभी भी असमायोजित हैं। 705 सहायक शिक्षकों में से 317 शिक्षकों ने टीईटी की परीक्षा पास कर रखी है।
-वर्जन-
कार्यवाहक बीएसए योगेश गुप्ता ने बताया कि बीएसए किसी कार्य से लखनऊ गए हुए हैं। सभी ब्लाकों के स्कूलों से शिक्षामित्रों की तैनाती का डाटा मांगा गया है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत ऊन ब्लॉक के स्कूलों में आई है, जहां पर सबसे ज्यादा शिक्षामित्र तैनात थे। बीएसए के आने के बाद बैठक कर सोमवार तक स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के बारे में विचार किया जाएगा, जिससे स्कूल बंद नहीं रह सके।