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खुदा की इबादत में उठे लाखों अकीदतमंदों के हाथ

Fri, 11 May 2018 11:56 PM IST
Updated Fri, 11 May 2018 11:56 PM IST
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खुदा की इबादत में उठे लाखों अकीदतमंदों के हाथ
कैराना। हजारों जमातों को विदा करने और अमन-चैन एवं खुशहाली की विशेष दुआओं के साथ तब्लीगी इज्तिमा संपन्न हो गया। इज्तिमा स्थल पर अंजुमन खिदमत-ए-खल्क के सदस्यों ने गर्मी में छबील लगाकर अकीदतमंदों की प्यास बुझाकर पुण्य हासिल किया।
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शुक्रवार को बाईपास रोड स्थित मैदान में दीनी तब्लीगी इज्तिमा के दूसरे दिन निजामुद्दीन से आए हजरत मौलाना जमशेद ने कहा कि इतना बड़ा जनसमूह अल्लाह के रास्ते में जा रहे हैं। यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि एक घड़ी दीनी मेहनत के लिए अल्लाह के रास्ते में खड़ा होना, दुनिया के सभी चीजों से बेहतर है। इस मेहनत से अल्लाह के नबी की सुन्नत और अल्लाह के रास्ते में निकलने का जज्बा तथा वहीं पर मृत्यु की ख्वाहिश पैदा होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सुबह के ढाई घंटे मस्जिद में तालीम नियमित रूप से ली जाएं। मौलाना जमशेद ने कहा कि पूरी दुनिया पर विश्वास करने से बेहतर है कि एक अल्लाह में विश्वास करें, वही दोनों जहानों के मालिक और खालिक है। हमें जरूरत है आपस में प्यार बढ़ाने की। इससे पूर्व मौलाना हयातुल्लाह ने तब्लीगी जमाअत के स्थानीय कार्य पर विचार व्यक्त किए। हजरत मौलाना जमशेद ने विश्व शांति, राष्ट्र एकता एवं अखंडता, प्रेम-भाईचारा, उन्नति, खुशहाली आदि की भी विशेष दुआ कराई।
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इस दौरान मौलाना इफ्तिखारुल हसन कांधलवी के चश्मों-चिराग मौलाना नूरुलहसन राशिद, मौलाना अब्दुल अजीज, मौलाना मंफात, मौलाना शाहनवाज, मौलाना इकबाल, मौलाना नौशाद, मुफ्ती जुल्फिकार, मौलाना वासिल, हाफिज तौफीक मलिक, डॉक्टर अनवारुल हक, हाजी नसीम मंसूरी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे। वहीं, इज्तिमा के समापन के बाद 40 दिन चिल्ला के लिए जमाअतों को रवाना किया गया। मौलाना शाहनवाज ने बताया कि आज करीब 250 जमाअतें निकाली गई हैं।
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ढाई घंटे में निकाली अकीदतमंदों की भीड़
तब्लिगी इज्तिमा में दूसरे दिन दुआ के चलते करीब ढाई लाख लोगों ने शिरकत की थी। इसके लिए लगभग पांच सौ बीघा भूमि पर विशाल पंडाल लगाया गया था। दुआ के उपरांत अकीदतमंदों की भीड़ जैसे ही पंडाल और मैदान से बाहर निकली, तो दूर-दूर तक अकीदतमंद ही नजर आ रहे थे। करीब ढाई घंटे तक भीड़ सड़कों पर चलती रही, जिसके बाद बाईपास रोड खाली हो पाया।
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