फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   45 hectares of mustard and wheat crops damaged in the district due to hailstorm and rain.

Shamli News: ओलावृष्टि और बारिश से जिले में 45 हेक्टेयर सरसों और गेहूं की फसल को नुकसान

Wed, 06 Mar 2024 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 06 Mar 2024 12:51 AM IST
विज्ञापन
45 hectares of mustard and wheat crops damaged in the district due to hailstorm and rain.
शामली/जलालाबाद/थानाभवन। दो दिन पहले ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश और तेज हवाओं से गेंहू व सरसों की फसल नीचे गिर गई। इससे पैदावार में तकरीबन तीस फीसदी तक की गिरावट आई है। जिले में कराए गए सर्वे में सरसों की फसल को 20 से 25 प्रतिशत तो गेहूं की फसल को 15 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन ने 45 हेक्टेयर भूमि में फसल को नुकसान का आंकलन हुआ है। शासन के निर्देश पर जिले के कृषि और राजस्व विभाग और बीमा कंपनी की सयुंक्त टीम ने जिले भर में किसानों के नुकसान की सर्वे रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंप दी है। जल्द ही मदद देने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन

बारिश और ओलावृष्टि से जिले के थानाभवन, ऊन, कैराना में सरसों की फसल को 20- 25 प्रतिशत और गेहूं की दस से लेकर पंद्रह प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि और बारिश से हुई सरसों और गेहूं की फसल के नुकसान के सर्वेक्षण के लिए जिले के कृषि- राजस्व विभाग और बीमा कंपनी की सयुंक्त टीम सर्वे कर रही है। जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की अगेती फसल को ज्यादा और पछेती फसल को कम नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान का ज्यादातर लाभ फसल बीमा में पंजीकरण कराने वाले 800 किसानों को मिलेगा। ओलावृष्टि से नुकसान के लिए पंजीकृत किसान 72 घंटे में शिकायत कर सकते हैं। फसलों के नुकसान के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18008896168 जारी किया गया है।
विज्ञापन

किसान फसल बीमा कंपनी के जिला समन्वयक राम मनोरथ को 7408494794 पर शिकायत कर सकते हैं। एडीएम संतोष कुमार सिंह का कहना है कि गेहूं और सरसों की फसल को 45 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। जल्द किसानों को मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



फसल के नीचे गिरने से सरसों और गेंहू की पैदावार हो सकती है प्रभावित
वर्तमान में अधिकांश सरसों की फसल खेतों में पकी खड़ी है। जब ओलावृष्टि, बारिश व तेज हवा चली तो फसल नीचे गिर गई, जिससे काफी हद तक सरसों का दाना झड़कर नीचे गिर गया। इससे भी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बोले किसान

मेरे खेत में पांच बीघा गेंहू की फसल जमीन पर लेटी हुई है। एक झटके में ही ऊपर वाले ने मुझे कई हजार रुपयों का नुकसान दे दिया।--सुशील सैनी



तीन बीघा सरसों की फसल खेत में पकी खड़ी थी। लेकिन हवा से सारी फसल गिर गई। इससे काफी नुकसान हुआ है। उम्मीद है कि अब मौसम सही रहेगा।--ज्ञान सिंह




-दो दिन पहले तक किसानों को उम्मीद थी कि इस साल मौसम के साथ देने के कारण पैदावार अच्छी होगी। लेकिन अचानक से मौसम खराब होने के कारण किसान नुकसान में पहुंच गया है। -अरुण कुमार
मैंने 40 बीघा गेहूं की फसल लगा रखी है। मूसलाधार बारिश व तेज हवा चलने के कारण फसल गिर गई है, इसका असर गेहूं के उत्पादन के साथ ही गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। - राजेश मुखिया
10 बीघा सरसों की फसल लगा रखी है जिसमें ज्यादातर फसल तेज हवा चलने के कारण खेत में ही गिर गई है, जिससे फसल को भारी नुकसान की आशंका है। - सचिन सैनी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed