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ॉलेज पहुंचकर डीएम ने किया निरीक्षण, जताई नाराजगी
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:21 AM IST
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कमरों और खेल के मैदान में पुराना फर्नीचर रखा मिला
अमर उजाला ब्यूरो
कांधला। क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल के तहत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला में हुए कार्यों का निरीक्षण करने के लिए टीम को साथ लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह पहुंचे। कॉलेज में अव्यवस्थाएं मिलने और योजना के तहत कार्य पूर्ण नहीं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर अधूरे कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है।
वर्ष 2016 में सपा सरकार की दौरान क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना लागू की गई थी, जिसमें शामली जिले के कांधला स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और चौसाना क्षेत्र के गांव कमालपुर स्थित राजकीय यमुना खादर इंटर कॉलेज का चयन हुआ था। योजना में प्रत्येक स्कूल को 50-50 लाख रुपये कॉलेज की बेहतरी के लिए दिए गए थे। अमर उजाला टीम ने इन दोनों कॉलेजों में हुए कार्यों की पड़ताल करते हुए खबर प्रकाशित की, जिसे जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इसी के चलते शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा, डीआरडीए के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल तथा कार्यदायी संस्था के एक अधिकारी को साथ लेकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज के अधिकांश हिस्सों में घूमकर देखा कि क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत क्या क्या कार्य हुए, तो वह कॉलेज के हालात देखकर दंग रह गए। कॉलेज में किसी कमरे में पुराना फर्नीचर भरा मिला, तो खेल के मैदान में भी टूटा फूटा फर्नीचर रखा हुआ था। कमरे की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे। कॉलेज परिसर में गंदगी का ढेर था, तो पुुराने भवन के मलबे का ढेर भी लगा हुआ था। शौचालयों में गंदगी मिली।
जिलाधिकारी ने पूछा कि योजना में कितना फर्नीचर आया था, तो कॉलेज प्रधानाचार्या कविता ने बताया कि करीब सवा दो लाख रुपये कीमत का फर्नीचर मिला, जबकि योजना में 10 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदकर देना था। प्रधानाचार्या ने यह भी बताया कि अभी कुछ कक्षाओं में छात्राएं टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करती है। इसके अलावा कॉलेज में 58 सोलर पावर पैनल और 48 बैटरी तथा 58 पंखे लगे मिले। खेल मैदान भी तैयार नहीं कराया गया। स्कूल के पीछे चारदीवारी के बाद खाली पड़ी खराब जगह की मरम्मत की जानी थी नहीं हो पाई है। शौचालय में टाईल्स लगाने का कार्य भी नहीं हुआ। इसके अलावा एक कमरे में अतिरिक्त पुस्तकों का ढेर रखा मिला। कॉलेज की इस व्यवस्था को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर अधूरे कार्य पूर्ण कराए जाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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महत्वपूर्ण
जिलाधिकारी ने टीम के साथ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला का निरीक्षण किया
क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल के तहत कॉलेज में खर्च होने थे 50 लाख रुपये
10 लाख की जगह सिर्फ सवा दो लाख रुपये का फर्नीचर कॉलेज पहुंचा
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अमर उजाला ब्यूरो
कांधला। क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल के तहत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला में हुए कार्यों का निरीक्षण करने के लिए टीम को साथ लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह पहुंचे। कॉलेज में अव्यवस्थाएं मिलने और योजना के तहत कार्य पूर्ण नहीं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर अधूरे कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी गई है।
वर्ष 2016 में सपा सरकार की दौरान क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना लागू की गई थी, जिसमें शामली जिले के कांधला स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और चौसाना क्षेत्र के गांव कमालपुर स्थित राजकीय यमुना खादर इंटर कॉलेज का चयन हुआ था। योजना में प्रत्येक स्कूल को 50-50 लाख रुपये कॉलेज की बेहतरी के लिए दिए गए थे। अमर उजाला टीम ने इन दोनों कॉलेजों में हुए कार्यों की पड़ताल करते हुए खबर प्रकाशित की, जिसे जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। इसी के चलते शुक्रवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा, डीआरडीए के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल तथा कार्यदायी संस्था के एक अधिकारी को साथ लेकर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज के अधिकांश हिस्सों में घूमकर देखा कि क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत क्या क्या कार्य हुए, तो वह कॉलेज के हालात देखकर दंग रह गए। कॉलेज में किसी कमरे में पुराना फर्नीचर भरा मिला, तो खेल के मैदान में भी टूटा फूटा फर्नीचर रखा हुआ था। कमरे की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे। कॉलेज परिसर में गंदगी का ढेर था, तो पुुराने भवन के मलबे का ढेर भी लगा हुआ था। शौचालयों में गंदगी मिली।
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जिलाधिकारी ने पूछा कि योजना में कितना फर्नीचर आया था, तो कॉलेज प्रधानाचार्या कविता ने बताया कि करीब सवा दो लाख रुपये कीमत का फर्नीचर मिला, जबकि योजना में 10 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदकर देना था। प्रधानाचार्या ने यह भी बताया कि अभी कुछ कक्षाओं में छात्राएं टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करती है। इसके अलावा कॉलेज में 58 सोलर पावर पैनल और 48 बैटरी तथा 58 पंखे लगे मिले। खेल मैदान भी तैयार नहीं कराया गया। स्कूल के पीछे चारदीवारी के बाद खाली पड़ी खराब जगह की मरम्मत की जानी थी नहीं हो पाई है। शौचालय में टाईल्स लगाने का कार्य भी नहीं हुआ। इसके अलावा एक कमरे में अतिरिक्त पुस्तकों का ढेर रखा मिला। कॉलेज की इस व्यवस्था को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर अधूरे कार्य पूर्ण कराए जाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने टीम के साथ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कांधला का निरीक्षण किया
क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल के तहत कॉलेज में खर्च होने थे 50 लाख रुपये
10 लाख की जगह सिर्फ सवा दो लाख रुपये का फर्नीचर कॉलेज पहुंचा