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स्कूलों में गैस चूल्हे पर ही बनाया जाए मिड डे मील
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:20 AM IST
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जर्जर भवनों में संचालित न हो विद्यालय
शामली।
विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति की बैठक में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जर्जर भवन में चल रहे विद्यालय चिह्नित किए जाएं। यदि कहीं पर जर्जर भवन में विद्यालय संचालित हो रहा है, तत्काल दूसरे भवन में शिफ्ट कराया जाए। इसके अलावा स्कूलों में गैस चूल्हे पर ही मिड डे मील का भोजन पकाया जाए, यदि कहीं पर लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनाने की शिकायत मिली, तो कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि विद्यालयों में मां समूह का गठन प्रभावी रूप से कराएं तथा निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी मिड डे मील का खाकर देखें कि वह ठीक बन रहा है या नहीं। यदि भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है, तो तत्काल रिपोर्ट भेजें। इसके अलावा प्राकृतिक व मानवीय खतरों, स्वास्थ्य खतरों, यौन शोषण हिंसा और दुर्घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए परिषदीय विद्यालय, उच्च विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालय व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति के सदस्य समय-समय पर निरीक्षण करके अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा बच्चों के अभिभावक की बैठक बुलाकर बच्चों के बारे में उन्हें भी अवगत कराया जाए। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा ने बताया कि कुछ स्कूलों में अध्यापकों द्वारा शिकायत की जा रही हैं कि मिड डे मील का सामान ग्राम प्रधान अपने पास रखते हैं, जिससे मिड डे मील बनाने में दिक्कत आती है। जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरत के मुताबिक तीन से चार दिन का राशन स्कूल में होना चाहिए, बाकी सुरक्षित स्थान पर ही रखवाया जाए।
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शामली।
विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति की बैठक में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जर्जर भवन में चल रहे विद्यालय चिह्नित किए जाएं। यदि कहीं पर जर्जर भवन में विद्यालय संचालित हो रहा है, तत्काल दूसरे भवन में शिफ्ट कराया जाए। इसके अलावा स्कूलों में गैस चूल्हे पर ही मिड डे मील का भोजन पकाया जाए, यदि कहीं पर लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनाने की शिकायत मिली, तो कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि विद्यालयों में मां समूह का गठन प्रभावी रूप से कराएं तथा निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी मिड डे मील का खाकर देखें कि वह ठीक बन रहा है या नहीं। यदि भोजन की गुणवत्ता ठीक नहीं है, तो तत्काल रिपोर्ट भेजें। इसके अलावा प्राकृतिक व मानवीय खतरों, स्वास्थ्य खतरों, यौन शोषण हिंसा और दुर्घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए परिषदीय विद्यालय, उच्च विद्यालय, सहायता प्राप्त विद्यालय व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विद्यालय सुरक्षा परामर्श समिति के सदस्य समय-समय पर निरीक्षण करके अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा बच्चों के अभिभावक की बैठक बुलाकर बच्चों के बारे में उन्हें भी अवगत कराया जाए। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा ने बताया कि कुछ स्कूलों में अध्यापकों द्वारा शिकायत की जा रही हैं कि मिड डे मील का सामान ग्राम प्रधान अपने पास रखते हैं, जिससे मिड डे मील बनाने में दिक्कत आती है। जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरत के मुताबिक तीन से चार दिन का राशन स्कूल में होना चाहिए, बाकी सुरक्षित स्थान पर ही रखवाया जाए।
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