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शिक्षित नारी से दो घरों का उजियारा मुमकिन
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:04 AM IST
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कैराना (शामली)। दारुल उलूम देवबंद के आल इंडिया राब्ता मदारिस के चेयरमैन मौलाना शौकत अली बसतवी ने कहा कि नारी को सशक्त होने की जरूरत है। नारी आत्मनिर्भर और शिक्षित है, तो यकीनन दो घरों में रोशनी फैलेगी।
कैराना में स्थित मदरसा असअदुल बनात और मदरसा जामिअतुस्सादह का संयुक्त सालाना जलसा शुक्रवार रात मदरसे के बराबर में मैदान में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि दारुल उलूम देवबंद के आल इंडिया राब्ता मदारिस के चेयरमैन मौलाना शौकत अली बसतवी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के बड़े लाभ होते हैं। एक महिला पूरी पीढ़ी को रोशन कर देती है। सशक्त नारी से पीढ़ी भी आत्मनिर्भर और शिक्षित ही होगी। मां की गोद बच्चे का प्रथम मदरसा होती है। मां और पिता जैसे संस्कार देंगे, वैसे ही बच्चे भी कामयाब होंगे। मौलाना बसतवी ने कहा कि अल्लाह ताला पर पूरा भरोसा कायम करो, तभी कामयाबी मिलेगी। इससे पूर्व दो दर्जन से अधिक छात्राओं इरम, सानिया, फातिमा, सादिया आदि ने अरबी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर मुकालमे पेश किए।
मौके पर मदरसे से पवित्र कुरान हाफिज होने वाले सुहैल, फारुक, अशरफ, साकिब, वसीम सहित 16 छात्रों को दस्तारबंदी की गई। वहीं, महररूना, तबस्सुम, नसीमा, नूरीन समेत आठ छात्राओं को हदीस शरीफ मिश्कात की उपाधि से नवाजा गया। मदरसे के प्रबंध संचालक मौलाना इरफान साकिब कासमी ने सभी अतिथियों तथा दर्शकों को धन्यवाद दिया। जलसे को मौलाना इलियास, मुफ्ती इफ्तिखार, मौलाना महबूब नदवी आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना मुकीम, हाफिज अनीस, हाफिज ताहिर, मौलाना फैजान, मुफ्ती तालिब नदवी, मौलाना मुरसलीन आदि मौजूद रहे।
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कैराना में स्थित मदरसा असअदुल बनात और मदरसा जामिअतुस्सादह का संयुक्त सालाना जलसा शुक्रवार रात मदरसे के बराबर में मैदान में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि दारुल उलूम देवबंद के आल इंडिया राब्ता मदारिस के चेयरमैन मौलाना शौकत अली बसतवी ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के बड़े लाभ होते हैं। एक महिला पूरी पीढ़ी को रोशन कर देती है। सशक्त नारी से पीढ़ी भी आत्मनिर्भर और शिक्षित ही होगी। मां की गोद बच्चे का प्रथम मदरसा होती है। मां और पिता जैसे संस्कार देंगे, वैसे ही बच्चे भी कामयाब होंगे। मौलाना बसतवी ने कहा कि अल्लाह ताला पर पूरा भरोसा कायम करो, तभी कामयाबी मिलेगी। इससे पूर्व दो दर्जन से अधिक छात्राओं इरम, सानिया, फातिमा, सादिया आदि ने अरबी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर मुकालमे पेश किए।
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मौके पर मदरसे से पवित्र कुरान हाफिज होने वाले सुहैल, फारुक, अशरफ, साकिब, वसीम सहित 16 छात्रों को दस्तारबंदी की गई। वहीं, महररूना, तबस्सुम, नसीमा, नूरीन समेत आठ छात्राओं को हदीस शरीफ मिश्कात की उपाधि से नवाजा गया। मदरसे के प्रबंध संचालक मौलाना इरफान साकिब कासमी ने सभी अतिथियों तथा दर्शकों को धन्यवाद दिया। जलसे को मौलाना इलियास, मुफ्ती इफ्तिखार, मौलाना महबूब नदवी आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना मुकीम, हाफिज अनीस, हाफिज ताहिर, मौलाना फैजान, मुफ्ती तालिब नदवी, मौलाना मुरसलीन आदि मौजूद रहे।
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