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कैराना सीएचसी प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:40 AM IST
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कैराना।
सीएचसी में निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के डॉक्टर उमेश कुमार, नेत्र परीक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार और अनिल कुमार ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम पर गंभीर आरोप लगाए। इस बारे में अपर आयुक्त आवास विकास परिषद महेंद्र कुमार को लिखित शिकायत दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। अस्पताल में पुराने सामान बेचने व इमरजेंसी वार्ड में टाइल्स लगाने के दौरान अनियमितता बरती गई। अपर आयुक्त ने डाक्टर उमेश से पूछा कि आप पिछले माह लगातार 15 दिन तक गैरहाजिर रहे, तो डॉक्टर उमेश ने बताया कि उनके परिवार में सदस्य बीमार था, जिस कारण उन्होेंने छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम का कहना है कि जून माह में डाक्टर उमेश केवल तीन चार दिन के प्रार्थना पत्र देने के बाद 15 दिन तक गैर हाजिर रहे। अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन आने के कारण गैर हाजिर रहने पर उनका वेतन काटा गया। इसी रंजिश में उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उधर, कैराना कोतवाली में निरीक्षण के दौरान झाड़खेड़ी निवासी कदम सिंह ने अपर आयुक्त को शिकायत पत्र देकर बताया कि आठ माह पूर्व गांव के प्रभावशाली लोगों ने उसके घेर पर कब्जा करने के प्रयास किया और विरोध पर मारपीट कर दी थी। कारण उसे लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ था। शिकायत करने पर पुलिस ने उसे ही 151 में जेल भेज दिया था। अपर आयुक्त ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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सीएचसी में निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के डॉक्टर उमेश कुमार, नेत्र परीक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार और अनिल कुमार ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम पर गंभीर आरोप लगाए। इस बारे में अपर आयुक्त आवास विकास परिषद महेंद्र कुमार को लिखित शिकायत दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि छुट्टी के नाम पर पैसों की मांग की जाती है। अस्पताल में पुराने सामान बेचने व इमरजेंसी वार्ड में टाइल्स लगाने के दौरान अनियमितता बरती गई। अपर आयुक्त ने डाक्टर उमेश से पूछा कि आप पिछले माह लगातार 15 दिन तक गैरहाजिर रहे, तो डॉक्टर उमेश ने बताया कि उनके परिवार में सदस्य बीमार था, जिस कारण उन्होेंने छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सलीम का कहना है कि जून माह में डाक्टर उमेश केवल तीन चार दिन के प्रार्थना पत्र देने के बाद 15 दिन तक गैर हाजिर रहे। अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन आने के कारण गैर हाजिर रहने पर उनका वेतन काटा गया। इसी रंजिश में उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उधर, कैराना कोतवाली में निरीक्षण के दौरान झाड़खेड़ी निवासी कदम सिंह ने अपर आयुक्त को शिकायत पत्र देकर बताया कि आठ माह पूर्व गांव के प्रभावशाली लोगों ने उसके घेर पर कब्जा करने के प्रयास किया और विरोध पर मारपीट कर दी थी। कारण उसे लगभग एक लाख रुपये का नुकसान हुआ था। शिकायत करने पर पुलिस ने उसे ही 151 में जेल भेज दिया था। अपर आयुक्त ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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