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राजकीय कॉलेजों में शिक्षक नही, कैसे होगी पढ़ाई
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:42 AM IST
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शामली।
जनपद के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। ज्यादातर स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और हिंदी के शिक्षक नहीं हैं। जिले में बने तीन मॉडल स्कूल भी शिक्षकों की कमी के कारण शुरू नहीं हो सके हैं।
जनपद में फिलहाल आठ हाईस्कूल और चार राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हैं। कांधला राजकीय इंटर कॉलेज में 1500 से ऊपर बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें कम से कम 30 शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वहां पर केवल 14 ही शिक्षक मौजूद है, स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। राजकीय इंटर कॉलेज कमालपुर में 650 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें पांच शिक्षक हैं, जबकि कम से कम 12 शिक्षक होने चाहिए। कॉलेज में इंटर में जीव विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी के शिक्षकों की कमी है। राजकीय हाईस्कूल टोड़ा में प्रधानाचार्य के अलावा कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। प्रधानाचार्य भी केवल हिंदी और सामाजिक विज्ञान ही पढ़ा सकते है। जनपद में बने तीन मॉडल कॉलेजों का शिक्षकों की कमी और भौतिक संसाधनों की कमी के कारण अभी तक संचालन नहीं हो सका है।
राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों स्थिति
राजकीय हाईस्कूल टोडा में एक, राजकीय हाईस्कूल बंतीखेड़ा में चार, राजकीय हाईस्कूल दथेड़ा में तीन, राजकीय हाईस्कूल बलवा में तीन, राजकीय हाईस्कूल गंगेरु में तीन, राजकीय हाईस्कूल टपराना में पांच, राजकीय हाईस्कूल पावटीकलां में दो, राजकीय हाईस्कूल जैनपुर केरटू में दो, राजकीय इंटर कॉलेज कांधला में 14, राजकीय इंटर कॉलेज कमालपुर में पांच, राजकीय इंटर कॉलेज कंडेला में तीन, राजकीय इंटर कॉलेज खुरगान में तीन शिक्षक तैनात हैं।
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कोट --------
जनपद के आठ हाईस्कूल और एक इंटर कॉलेज मेें शिक्षकों की कमी है। शासन ने शिक्षकों का ब्योरा मांगा था, जो भेज दिया गया है। शासन स्तर से ही शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा - एसएम सिद्दीकी, डीआईओएस।
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जनपद के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। ज्यादातर स्कूलों में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और हिंदी के शिक्षक नहीं हैं। जिले में बने तीन मॉडल स्कूल भी शिक्षकों की कमी के कारण शुरू नहीं हो सके हैं।
जनपद में फिलहाल आठ हाईस्कूल और चार राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हैं। कांधला राजकीय इंटर कॉलेज में 1500 से ऊपर बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें कम से कम 30 शिक्षक होने चाहिए, लेकिन वहां पर केवल 14 ही शिक्षक मौजूद है, स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी के शिक्षक नहीं हैं। राजकीय इंटर कॉलेज कमालपुर में 650 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें पांच शिक्षक हैं, जबकि कम से कम 12 शिक्षक होने चाहिए। कॉलेज में इंटर में जीव विज्ञान, अंग्रेजी और हिंदी के शिक्षकों की कमी है। राजकीय हाईस्कूल टोड़ा में प्रधानाचार्य के अलावा कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। प्रधानाचार्य भी केवल हिंदी और सामाजिक विज्ञान ही पढ़ा सकते है। जनपद में बने तीन मॉडल कॉलेजों का शिक्षकों की कमी और भौतिक संसाधनों की कमी के कारण अभी तक संचालन नहीं हो सका है।
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राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों स्थिति
राजकीय हाईस्कूल टोडा में एक, राजकीय हाईस्कूल बंतीखेड़ा में चार, राजकीय हाईस्कूल दथेड़ा में तीन, राजकीय हाईस्कूल बलवा में तीन, राजकीय हाईस्कूल गंगेरु में तीन, राजकीय हाईस्कूल टपराना में पांच, राजकीय हाईस्कूल पावटीकलां में दो, राजकीय हाईस्कूल जैनपुर केरटू में दो, राजकीय इंटर कॉलेज कांधला में 14, राजकीय इंटर कॉलेज कमालपुर में पांच, राजकीय इंटर कॉलेज कंडेला में तीन, राजकीय इंटर कॉलेज खुरगान में तीन शिक्षक तैनात हैं।
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जनपद के आठ हाईस्कूल और एक इंटर कॉलेज मेें शिक्षकों की कमी है। शासन ने शिक्षकों का ब्योरा मांगा था, जो भेज दिया गया है। शासन स्तर से ही शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा - एसएम सिद्दीकी, डीआईओएस।