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3174 मृतक व 896 भूमिहीन ले रहे थे सम्मान निधि
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3174 मृतक व 896 भूमिहीन ले रहे थे सम्मान निधि
शामली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ 896 ऐसे लोग भी ले रहे थे, जिनके नाम जमीन ही नहीं है। 3174 मृतकों के खाते में भी योजना की किश्त भेजी जा रही थी। लेखपालों ने जब जांच कर रिपोर्ट कृषि विभाग को सौंपी तो इसका खुलासा हुआ। योजना का लाभ लेने वालों में चिकित्सक और अधिवक्ता जैसे पेशेवर भी हैं। अब सभी अपात्रों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब न देने पर वसूली की चेतावनी दी गई है।
प्रधानमंत्री ने किसानों को छह हजार रुपये हर वर्ष किसान सम्मान निधि योजना के तहत देने की घोषणा की थी। जिले में 1,32,301 किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 1,30,146 किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में छह हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जा रहे थे। शासन ने योजना में अपात्रों के शामिल होने पर कृषि विभाग को जांच कराने के आदेश दिए थे। जिस पर लेखपालों को जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रत्येक गांव में लेखपालों की टीम को लगा दिया गया। जब सर्वे हुआ तो इसमें ऐसे किसान मिले, जिनके नाम जमीन ही नहीं है और वह गांव में रहते भी नहीं है। मृतक किसानों के खाते में भी किश्त भेजी जा रही थी। लेखपालों की जांच ने ऐसे किसानों की पोल खोल दी, जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे। अभी सर्वे 88.07 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। सर्वे पूरा होने पर इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है।
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- 449 किसानों से हुई 45 लाख की रिकवरी
योजना का लाभ ले रहे 449 अपात्र किसानों से अभी तक 45 लाख की रिकवरी अभी तक कृषि विभाग कर चुका है। इनमें भूमिहीन, मृतक व सरकारी नौकरी करने वाले लोग थे।
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ये हैं योजना के दायरे से बाहर
किसान सम्मान निधि योजना में अधिवक्ता, डॉक्टर, इंजीनियर, विधायक, सांसद, मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, सरकारी नौकर, पति-पत्नी, पिता-पुत्र आदि को योजना से बाहर किया गया है।
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- कोट
सर्वे में जो किसान अपात्र मिले हैं उनसे रिकवरी की जा रही है और नोटिस भी जारी किया गया है। कोई खुद जमा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- शिव कुमार केसरी, डीडी कृषि।
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तहसीलवार अपात्र किसानों का आंकड़ा
तहसील मृतक भूमिहीन
शामली 1495 375
ऊन 921 272
कैराना 758 249
कुल 3174 896
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पंजीकृत किसान व मिला लाभ
तहसील पंजीकृत मिला लाभ
शामली 62437 61030
कैराना 36010 35581
ऊन 33854 33535
कुल 132301 130146
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शामली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ 896 ऐसे लोग भी ले रहे थे, जिनके नाम जमीन ही नहीं है। 3174 मृतकों के खाते में भी योजना की किश्त भेजी जा रही थी। लेखपालों ने जब जांच कर रिपोर्ट कृषि विभाग को सौंपी तो इसका खुलासा हुआ। योजना का लाभ लेने वालों में चिकित्सक और अधिवक्ता जैसे पेशेवर भी हैं। अब सभी अपात्रों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब न देने पर वसूली की चेतावनी दी गई है।
प्रधानमंत्री ने किसानों को छह हजार रुपये हर वर्ष किसान सम्मान निधि योजना के तहत देने की घोषणा की थी। जिले में 1,32,301 किसानों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 1,30,146 किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में छह हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जा रहे थे। शासन ने योजना में अपात्रों के शामिल होने पर कृषि विभाग को जांच कराने के आदेश दिए थे। जिस पर लेखपालों को जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रत्येक गांव में लेखपालों की टीम को लगा दिया गया। जब सर्वे हुआ तो इसमें ऐसे किसान मिले, जिनके नाम जमीन ही नहीं है और वह गांव में रहते भी नहीं है। मृतक किसानों के खाते में भी किश्त भेजी जा रही थी। लेखपालों की जांच ने ऐसे किसानों की पोल खोल दी, जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे। अभी सर्वे 88.07 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। सर्वे पूरा होने पर इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है।
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- 449 किसानों से हुई 45 लाख की रिकवरी
योजना का लाभ ले रहे 449 अपात्र किसानों से अभी तक 45 लाख की रिकवरी अभी तक कृषि विभाग कर चुका है। इनमें भूमिहीन, मृतक व सरकारी नौकरी करने वाले लोग थे।
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ये हैं योजना के दायरे से बाहर
किसान सम्मान निधि योजना में अधिवक्ता, डॉक्टर, इंजीनियर, विधायक, सांसद, मंत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, सरकारी नौकर, पति-पत्नी, पिता-पुत्र आदि को योजना से बाहर किया गया है।
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सर्वे में जो किसान अपात्र मिले हैं उनसे रिकवरी की जा रही है और नोटिस भी जारी किया गया है। कोई खुद जमा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- शिव कुमार केसरी, डीडी कृषि।
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तहसीलवार अपात्र किसानों का आंकड़ा
तहसील मृतक भूमिहीन
शामली 1495 375
ऊन 921 272
कैराना 758 249
कुल 3174 896
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पंजीकृत किसान व मिला लाभ
तहसील पंजीकृत मिला लाभ
शामली 62437 61030
कैराना 36010 35581
ऊन 33854 33535
कुल 132301 130146