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बिजली अफसरों पर 17 लाख का जुर्माना लगाया
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:26 AM IST
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बिजली अफसरों पर 17 लाख का जुर्माना लगाया
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने जिले के बिजली विभाग के अफसरों पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए आरोपी विभाग के अफसरों को जुर्माने की धनराशि एक माह में अदा करने के आदेेश दिए हैं। क्षति पूर्ति जिम्मेदार अफसरों के वेतन से वसूलने की बात कही हैं।
शहर की कांबोज कालोनी गुरुद्वारा रोड निवासी विपिन कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर करके अवगत कराया गया कि उसके पास कृषि कार्य हेतु नलकूप विद्युत कनेक्शन की सभी औपचारिकता पूूरी कर ली गई थी। विद्युत विभाग द्वारा 800 मीटर दूर ट्रांसफार्मर होने व उनके अधिभारित के कारण कम वोल्टेज रहती है। पांच नवंबर 2009 को फोरम में विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय, उपखंड अधिकारी को आरोपित करके दायर वाद में अवगत कराया कि पीड़ित के आवेदन को सही मानकर अलग से ट्रांसफार्मर का पैकेज बनाकर अधिकारियों को भेजा गया था। मुख्य क्षेत्रीय अभियंता सहारनपुर द्वारा 28 मई 2010 द्वारा अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल मुजफ्फरनगर को भेजा था। नलकूप की विद्युत लाइन सुधार हेतु प्रणाली सुधार योजना के तहत पैकेज स्वीकृत होने के बाद नलकूप ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं गई है, जिस कारण उनकी फसल सूख गई है। फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव व सदस्य श्रवण कुमार ने वाद स्वीकार करते हुए सुनवाई के दौरान पीड़ित की खेती की सिंचाई में खर्च के नुकसान की क्षतिपूर्ति धनराशि 16 लाख रुपये, मानसिक क्षति पूर्ति में एक लाख रुपये मिलाकर कुल 17 लाख रुपये की धनराशि एक माह में पीड़ित को अदा करने का फैसला सुनाया है। क्षति पूर्ति की धनराशि जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से वसूलने के निर्देश दिए हैं।
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शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने जिले के बिजली विभाग के अफसरों पर 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए आरोपी विभाग के अफसरों को जुर्माने की धनराशि एक माह में अदा करने के आदेेश दिए हैं। क्षति पूर्ति जिम्मेदार अफसरों के वेतन से वसूलने की बात कही हैं।
शहर की कांबोज कालोनी गुरुद्वारा रोड निवासी विपिन कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर करके अवगत कराया गया कि उसके पास कृषि कार्य हेतु नलकूप विद्युत कनेक्शन की सभी औपचारिकता पूूरी कर ली गई थी। विद्युत विभाग द्वारा 800 मीटर दूर ट्रांसफार्मर होने व उनके अधिभारित के कारण कम वोल्टेज रहती है। पांच नवंबर 2009 को फोरम में विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड तृतीय, उपखंड अधिकारी को आरोपित करके दायर वाद में अवगत कराया कि पीड़ित के आवेदन को सही मानकर अलग से ट्रांसफार्मर का पैकेज बनाकर अधिकारियों को भेजा गया था। मुख्य क्षेत्रीय अभियंता सहारनपुर द्वारा 28 मई 2010 द्वारा अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल मुजफ्फरनगर को भेजा था। नलकूप की विद्युत लाइन सुधार हेतु प्रणाली सुधार योजना के तहत पैकेज स्वीकृत होने के बाद नलकूप ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं गई है, जिस कारण उनकी फसल सूख गई है। फोरम के चेयरमैन एसके एस यादव व सदस्य श्रवण कुमार ने वाद स्वीकार करते हुए सुनवाई के दौरान पीड़ित की खेती की सिंचाई में खर्च के नुकसान की क्षतिपूर्ति धनराशि 16 लाख रुपये, मानसिक क्षति पूर्ति में एक लाख रुपये मिलाकर कुल 17 लाख रुपये की धनराशि एक माह में पीड़ित को अदा करने का फैसला सुनाया है। क्षति पूर्ति की धनराशि जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से वसूलने के निर्देश दिए हैं।
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