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बिना नीलामी के 22 दुकानों का आवंटन निरस्त
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शामली। नगरपालिका की भैंसवाल रोड स्थित प्रथम तल की बिना नीलामी 22 दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। सहारनपुर मंडल के आयुक्त द्वारा कराई जांच में दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध पाए जाने पर दुकानों के आवंटन करने की कार्रवाई की गई है।
करीब तीन माह पहले पालिका की भैंसवाल रोड स्थित नई मंडी के सामने प्रथम तल की 22 दुकानों को बिना नीलामी के आवंटित की गई थी। इस मामले में सभासद अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल, प्रदीप गुप्ता और सभासद के पति निशिकांत संगल ने नियम विरुद्ध दुकानों का आवंटन करने का आरोप लगाते हुए सहारनपुर मंडल के आयुक्त को शिकायत की थी। सभासदों का आरोप था कि दुकानों के आवंटन में धांधली की गई, जिसमें कई सभासदों पर अपने परिचितों के नाम पर दुकान आवंटन करने और पालिका के लिपिक की पत्नी के नाम पर दो दुकानें आवंटित करने के आरोप लगे थे। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था।
मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम जसजीत कौर ने इस प्रकरण की जांच एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी को सौंपी थी। एसडीएम कैराना ने इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। जांच में दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध पाया गया, जिस पर मंडलायुक्त ने दुकानों का आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल ने पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह को दुकानों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र भेजा था। अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पालिका चेयरपर्सन का पत्र मिलने पर दुकानों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। दुकान आवंटन के लिए जिन लोगों ने धनराशि जमा हुई है, उन्हें वापस किया जाएगा। पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल ने बताया कि दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।
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करीब तीन माह पहले पालिका की भैंसवाल रोड स्थित नई मंडी के सामने प्रथम तल की 22 दुकानों को बिना नीलामी के आवंटित की गई थी। इस मामले में सभासद अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल, प्रदीप गुप्ता और सभासद के पति निशिकांत संगल ने नियम विरुद्ध दुकानों का आवंटन करने का आरोप लगाते हुए सहारनपुर मंडल के आयुक्त को शिकायत की थी। सभासदों का आरोप था कि दुकानों के आवंटन में धांधली की गई, जिसमें कई सभासदों पर अपने परिचितों के नाम पर दुकान आवंटन करने और पालिका के लिपिक की पत्नी के नाम पर दो दुकानें आवंटित करने के आरोप लगे थे। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम जसजीत कौर ने इस प्रकरण की जांच एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी को सौंपी थी। एसडीएम कैराना ने इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। जांच में दुकानों का आवंटन नियम विरुद्ध पाया गया, जिस पर मंडलायुक्त ने दुकानों का आवंटन निरस्त करने के निर्देश दिए।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल ने पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह को दुकानों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई किए जाने के लिए पत्र भेजा था। अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पालिका चेयरपर्सन का पत्र मिलने पर दुकानों का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। दुकान आवंटन के लिए जिन लोगों ने धनराशि जमा हुई है, उन्हें वापस किया जाएगा। पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल ने बताया कि दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।