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22 करोड़ रुपये की धनराशि हुई अवमुक्त, निर्माण में आएगी तेजी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास की खातिर अधिग्रहीत भूमि का किसानों के लिए 22 करोड़ का मुआवजा जिला प्रशासन को प्राप्त हो गया है। जल्द ही किसानों को इसका वितरण किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास पर पूर्वी यमुना नहर पर चार लेन का पुल और गोहरनी के जंगल में रेलवे लाइन का फ्लाईओवर निर्माण अधूरा पड़ा है। टपराना बाईपास से बधेव और गोहरनी गांव के जंगल में कई किसानों की भूमि का मुआवजा अटका हुआ था। जिसकी वजह से भूमि अधिग्रहण लटका था। दूसरी ओर, मुंडेट कलां के जंगल में पेड़ों का कटान नहीं हुआ और बिजली के खंभों के शिफ्टिंग कार्य रुका हुआ है।
पिछले माह कैराना सांसद प्रदीप चौधरी की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई दिशा की बैठक में मेरठ-करनाल हाईवे और इसके बाईपास का निर्माण अधर में रहने का मुद्दा भी उठा था। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास की जद में आ रही भूमि के मुआवजे के 22 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। किसानों की मुआवजा राशि वितरित करने बाद भूमि अधिग्रहण कर बाईपास निर्माण तेजी से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी ने मेरठ-करनाल के बाईपास का निर्माण पूरा करने के लिए जनवरी 2023 तक का आश्वासन दिया है।
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शेड्यूल के अनुसार किसान कराएं भूमि की पैमाइश
किसान संघर्ष समिति ने किसानों के साथ बैठक की
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बाबरी। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति की बैठक रविवार को समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह की अध्यक्षता में गांव बंतीखेड़ा के पंचायत भवन में हुई। इसमें समिति के सदस्यों ने 48 दिन के सफल धरने के लिए सभी किसानों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बीती 13 सितंबर को धरना समाप्ति के लिए प्रशासन से जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी उस पर अमल कराया जाएगा। वर्तमान में धरना बुटराड़ा में चल रहा है। उससे इस किसान संघर्ष समिति का कोई संबंध नहीं है। बैठक का संचालन कर रहे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने कहा कि प्रशासन ने पैमाइश का जो शेड्यूल बनाया है। उसके हिसाब से सभी किसान अपने खेतों की पैमाइश कराएं। इसके साथ ही बुनियादी समस्याएं प्रशासन को लिखित में दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से मिलकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। जिन किसानों ने अभी तक आर्बिटेशन दायर नहीं किया है वे जल्द कर दें। समिति अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह ने बताया कि हर 15 दिन बाद संघर्ष समिति की एक समीक्षा बैठक होगी। यहां शुभम मलिक, भोपाल सिंह, सूरज, प्रमोद, इंतजार, आनंद कुमार, तेजपाल, योगेंद्र प्रधान, सुरेश सिंह, दिनेश आदि किसान मौजूद रहे।
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास की खातिर अधिग्रहीत भूमि का किसानों के लिए 22 करोड़ का मुआवजा जिला प्रशासन को प्राप्त हो गया है। जल्द ही किसानों को इसका वितरण किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास पर पूर्वी यमुना नहर पर चार लेन का पुल और गोहरनी के जंगल में रेलवे लाइन का फ्लाईओवर निर्माण अधूरा पड़ा है। टपराना बाईपास से बधेव और गोहरनी गांव के जंगल में कई किसानों की भूमि का मुआवजा अटका हुआ था। जिसकी वजह से भूमि अधिग्रहण लटका था। दूसरी ओर, मुंडेट कलां के जंगल में पेड़ों का कटान नहीं हुआ और बिजली के खंभों के शिफ्टिंग कार्य रुका हुआ है।
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पिछले माह कैराना सांसद प्रदीप चौधरी की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई दिशा की बैठक में मेरठ-करनाल हाईवे और इसके बाईपास का निर्माण अधर में रहने का मुद्दा भी उठा था। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास की जद में आ रही भूमि के मुआवजे के 22 करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। किसानों की मुआवजा राशि वितरित करने बाद भूमि अधिग्रहण कर बाईपास निर्माण तेजी से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी ने मेरठ-करनाल के बाईपास का निर्माण पूरा करने के लिए जनवरी 2023 तक का आश्वासन दिया है।
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शेड्यूल के अनुसार किसान कराएं भूमि की पैमाइश
किसान संघर्ष समिति ने किसानों के साथ बैठक की
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संवाद न्यूज एजेंसी
बाबरी। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर किसान संघर्ष समिति की बैठक रविवार को समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह की अध्यक्षता में गांव बंतीखेड़ा के पंचायत भवन में हुई। इसमें समिति के सदस्यों ने 48 दिन के सफल धरने के लिए सभी किसानों का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बीती 13 सितंबर को धरना समाप्ति के लिए प्रशासन से जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी उस पर अमल कराया जाएगा। वर्तमान में धरना बुटराड़ा में चल रहा है। उससे इस किसान संघर्ष समिति का कोई संबंध नहीं है। बैठक का संचालन कर रहे किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक ने कहा कि प्रशासन ने पैमाइश का जो शेड्यूल बनाया है। उसके हिसाब से सभी किसान अपने खेतों की पैमाइश कराएं। इसके साथ ही बुनियादी समस्याएं प्रशासन को लिखित में दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों से मिलकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। जिन किसानों ने अभी तक आर्बिटेशन दायर नहीं किया है वे जल्द कर दें। समिति अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह ने बताया कि हर 15 दिन बाद संघर्ष समिति की एक समीक्षा बैठक होगी। यहां शुभम मलिक, भोपाल सिंह, सूरज, प्रमोद, इंतजार, आनंद कुमार, तेजपाल, योगेंद्र प्रधान, सुरेश सिंह, दिनेश आदि किसान मौजूद रहे।