{"_id":"5bf30972bdec22697300c6f8","slug":"21542654322-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"286 पशुओं का पंजीकरण कर उपचार किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
286 पशुओं का पंजीकरण कर उपचार किया
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। भूरा गांव स्थित पशु चिकित्सालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला और गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर शिविर में कुल 286 पशुओं का पंजीकरण कर कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण, लघु शल्य चिकित्सा, कृमिनाशक दवापान, बांझपन चिकित्सा की गई है।
शिविर का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि गयूर ने किया। उन्होंने पशुपालन की योजनाओं को विस्तार की विभिन्न योजनाओं को अपनाने पर जोर दिया। जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार ने पशुपालकों को आधुनिक विधि से पशुपालन, हरे चारे एवं कृत्रिम गर्भाधान की महत्ता, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, बधियाकरण, निराश्रित आवारा गोवंश की समस्या के सामाधान के लिए वृहद गो संरक्षण केंद्र की स्थापना के बारे में विस्तार से बताया। कुक्कुट विकास नीति-2013 अंतर्गत मुर्गी पालन तथा राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के बारे में भी बताया गया। शिविर का आयोजन पशु चिकित्साधिकारी, कंडेला डाक्टर पुष्पेंद्र सिंह की ओर से किया गया। शिविर में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकरी कैराना डाक्टर लोकेश कुमार अग्रवाल, पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर उदयभान भारती, भिक्का माजरा, पशुधन प्रसार अधिकारी वीरेंद्र सिंह, नरेश कुमार ने सहयोग प्रदान किया।
विज्ञापन
शामली। भूरा गांव स्थित पशु चिकित्सालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला और गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर शिविर में कुल 286 पशुओं का पंजीकरण कर कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण, लघु शल्य चिकित्सा, कृमिनाशक दवापान, बांझपन चिकित्सा की गई है।
शिविर का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख के प्रतिनिधि गयूर ने किया। उन्होंने पशुपालन की योजनाओं को विस्तार की विभिन्न योजनाओं को अपनाने पर जोर दिया। जिला मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार ने पशुपालकों को आधुनिक विधि से पशुपालन, हरे चारे एवं कृत्रिम गर्भाधान की महत्ता, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, बधियाकरण, निराश्रित आवारा गोवंश की समस्या के सामाधान के लिए वृहद गो संरक्षण केंद्र की स्थापना के बारे में विस्तार से बताया। कुक्कुट विकास नीति-2013 अंतर्गत मुर्गी पालन तथा राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के बारे में भी बताया गया। शिविर का आयोजन पशु चिकित्साधिकारी, कंडेला डाक्टर पुष्पेंद्र सिंह की ओर से किया गया। शिविर में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकरी कैराना डाक्टर लोकेश कुमार अग्रवाल, पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर उदयभान भारती, भिक्का माजरा, पशुधन प्रसार अधिकारी वीरेंद्र सिंह, नरेश कुमार ने सहयोग प्रदान किया।
विज्ञापन