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शामली शुगर मिल ने किया 11.42 करोड़ रुपये का भुगतान
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:06 AM IST
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शामली।
अपर दोआब शुगर मिल शामली ने पेराई सत्र 2016-17 का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अदा कर दिया है। शनिवार को ही शुगर मिल ने 11 करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान गन्ना समिति को भिजवा दिया, जो किसानों के खाते में पहुंच जाएगा।
सर शादीलाल एंटरप्राइजेज की अपर दोआब शुगर मिल शामली के अतिरिक्त महाप्रबंधक नरेश कुमार ने बताया कि गन्ना पेराई सत्र 2016 -17 का जो बकाया भुगतान था, वह शनिवार को अदा कर दिया गया है। साथ ही चालू गन्ना पेराई सत्र का भुगतान भी शुरु करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि खरीदे गए गन्ने से जो चीनी बन रही है, उसकी बिक्री के हिसाब से गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खाते में पहुंचता रहेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए शुगर मिल मालिकों की मनमानी पर रोक लगाने का प्रयास किया था। इसी के चलते 14 दिन के भीतर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने पर ब्याज अदा करने का भी निर्देश दिया गया था। साथ ही यह व्यवस्था बनाई गई कि शुगर मिल और जिला गन्ना अधिकारी का संयुक्त खाता खोला जाएगा, ताकि चीनी की बिक्री होते ही किसानों के खाते में गन्ना मूल्य भुगतान पहुंच जाए।
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अपर दोआब शुगर मिल शामली ने पेराई सत्र 2016-17 का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अदा कर दिया है। शनिवार को ही शुगर मिल ने 11 करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान गन्ना समिति को भिजवा दिया, जो किसानों के खाते में पहुंच जाएगा।
सर शादीलाल एंटरप्राइजेज की अपर दोआब शुगर मिल शामली के अतिरिक्त महाप्रबंधक नरेश कुमार ने बताया कि गन्ना पेराई सत्र 2016 -17 का जो बकाया भुगतान था, वह शनिवार को अदा कर दिया गया है। साथ ही चालू गन्ना पेराई सत्र का भुगतान भी शुरु करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि खरीदे गए गन्ने से जो चीनी बन रही है, उसकी बिक्री के हिसाब से गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खाते में पहुंचता रहेगा। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए शुगर मिल मालिकों की मनमानी पर रोक लगाने का प्रयास किया था। इसी के चलते 14 दिन के भीतर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं करने पर ब्याज अदा करने का भी निर्देश दिया गया था। साथ ही यह व्यवस्था बनाई गई कि शुगर मिल और जिला गन्ना अधिकारी का संयुक्त खाता खोला जाएगा, ताकि चीनी की बिक्री होते ही किसानों के खाते में गन्ना मूल्य भुगतान पहुंच जाए।
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