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परमात्मा को प्राप्त करने के लिए सच्ची भक्ति जरूरी
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:05 AM IST
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परमात्मा को प्राप्त करने के लिए सच्ची भक्ति जरूरी
कांधला। भभीसा गांव में दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ और सत्संग के दौरान गुरू चरणानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि परमात्मा उसी जीव को प्राप्त हो सकते हैं, जो परमात्मा को प्राप्त करने की सच्ची इच्छा रखता है।
शनिवार को गांव भभीसा स्थित माता मंदिर परिसर में दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ और सत्संग का आयोजन किया गया। यज्ञ के उपरांत सत्संग में गुरु चरणानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म केवल कर्मों का फल भोगने के लिए ही प्राप्त नहीं हुआ है। जीव के हृदय में परमात्मा की तीव्र इच्छा होती है तथा जिसने भक्ति रस की पावन गंगा में गोते लगा लिए उसी को परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि धन तो कहीं भी हो सकता है, उस धन को शुभ कर्मों में लगाना बहुत दुर्लभ है। सत्संग प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान शिव प्रसाद, उमा चरण मिश्र, ऋषिपाल राणा, कृष्णानंद, प्रेमानंद, महेश आंनद, श्रद्धानंद, परमानंद, एसएल सोमजी, ओमपाल, रामपाल, विंरेद्र, राजीव, नरेद्र, संजीव, धमेंद्र, रजत और अनुज आदि मौजूद रहे
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कांधला। भभीसा गांव में दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ और सत्संग के दौरान गुरू चरणानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि परमात्मा उसी जीव को प्राप्त हो सकते हैं, जो परमात्मा को प्राप्त करने की सच्ची इच्छा रखता है।
शनिवार को गांव भभीसा स्थित माता मंदिर परिसर में दो दिवसीय गायत्री महायज्ञ और सत्संग का आयोजन किया गया। यज्ञ के उपरांत सत्संग में गुरु चरणानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म केवल कर्मों का फल भोगने के लिए ही प्राप्त नहीं हुआ है। जीव के हृदय में परमात्मा की तीव्र इच्छा होती है तथा जिसने भक्ति रस की पावन गंगा में गोते लगा लिए उसी को परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि धन तो कहीं भी हो सकता है, उस धन को शुभ कर्मों में लगाना बहुत दुर्लभ है। सत्संग प्रवचन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान शिव प्रसाद, उमा चरण मिश्र, ऋषिपाल राणा, कृष्णानंद, प्रेमानंद, महेश आंनद, श्रद्धानंद, परमानंद, एसएल सोमजी, ओमपाल, रामपाल, विंरेद्र, राजीव, नरेद्र, संजीव, धमेंद्र, रजत और अनुज आदि मौजूद रहे
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