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स्वास्थ्य विभाग का मानना, बुखार से नहीं हुई एक भी मौत
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:25 AM IST
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शामली/कैराना।
गांव तितरवाड़ा में बुखार से एक के बाद एक चार मौत होने की खबर के बाद सोमवार को गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। अधिकारियों का दावा है कि एक भी मौत बुखार से नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप भी लगाया और लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाईयां वितरित की।
गांव तितरवाड़ा में पिछले चार दिनों में चार मौतें हो चुकी है। परिजनों के अनुसार सभी मौतें बुखार से हुई है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि सोमवार स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तितरवाड़ा में पहुंची। टीम ने मृतकों के परिजनों से बात की। जांच अधिकारी डाक्टर विनय कुमार के अनुसार बाबूराम की 27 अगस्त की शाम मौत हो गई, परिजनों ने उन्हें बताया कि बाबूराम को पूर्व में हार्टअटैक आया था। हार्टअटैक से ही बाबूराम की मौत हुई। मृतक फैय्याज के यहां टीम पहुंची और जांच की। वहां पता चला कि फैय्याज को टीबी था। इसी के चलते उसकी मौत हुई है। बारो पत्नी हारुन की मौत भी अन्य बीमारी के कारण बताई। मृतका नसरीन के परिजनों से बात की तो पता चला कि नसरीन एनीमिया की शिकार थी। खून की कमी के चलते उसकी मौत हुई है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौँप दी है।
शिविर लगाकर बनाई 91 स्लाइडें
कैराना के गांव तितरवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाया गया। लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिनकी मौत हुई है, उनके परिवार के 31 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। इसके अलावा अन्य 60 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। उनके ब्लड की जांच की जाएगी। डाक्टरों ने 221 मरीजों की जांच की और दवाईयों का वितरण किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। इस दौरान डाक्टर विनय कुमार, कृष्ण कुमार, राजेश कुमारी, सोनू, अवधेश वाडेकर, डाक्टर सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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गांव तितरवाड़ा में बुखार से एक के बाद एक चार मौत होने की खबर के बाद सोमवार को गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। अधिकारियों का दावा है कि एक भी मौत बुखार से नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप भी लगाया और लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाईयां वितरित की।
गांव तितरवाड़ा में पिछले चार दिनों में चार मौतें हो चुकी है। परिजनों के अनुसार सभी मौतें बुखार से हुई है। जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि सोमवार स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तितरवाड़ा में पहुंची। टीम ने मृतकों के परिजनों से बात की। जांच अधिकारी डाक्टर विनय कुमार के अनुसार बाबूराम की 27 अगस्त की शाम मौत हो गई, परिजनों ने उन्हें बताया कि बाबूराम को पूर्व में हार्टअटैक आया था। हार्टअटैक से ही बाबूराम की मौत हुई। मृतक फैय्याज के यहां टीम पहुंची और जांच की। वहां पता चला कि फैय्याज को टीबी था। इसी के चलते उसकी मौत हुई है। बारो पत्नी हारुन की मौत भी अन्य बीमारी के कारण बताई। मृतका नसरीन के परिजनों से बात की तो पता चला कि नसरीन एनीमिया की शिकार थी। खून की कमी के चलते उसकी मौत हुई है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौँप दी है।
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शिविर लगाकर बनाई 91 स्लाइडें
कैराना के गांव तितरवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाया गया। लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिनकी मौत हुई है, उनके परिवार के 31 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। इसके अलावा अन्य 60 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। उनके ब्लड की जांच की जाएगी। डाक्टरों ने 221 मरीजों की जांच की और दवाईयों का वितरण किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। इस दौरान डाक्टर विनय कुमार, कृष्ण कुमार, राजेश कुमारी, सोनू, अवधेश वाडेकर, डाक्टर सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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