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बिना कर्ज लिए ही सहकारी समिति ने युवक को दे दिया 22 हजार का नोटिस
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:39 AM IST
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कर्ज लिया नहीं, सहकारी समिति ने भेज दिया नोटिस
जलालाबाद(शामली)। सहकारी सेवा समिति ने किसान को बिना कर्ज लिए ही 22 हजार रुपये बकायादारी नोटिस दे दिया, जबकि वह किसान समिति का सदस्य भी नहीं है। नोटिस मिलने के बाद किसान परेशान है तथा समिति कार्यालय में चक्कर काट रहा है।
कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला मोहम्मदीगंज निवासी जमील अहमद पुत्र अनीस अहमद छोटा काश्तकार है। साधन सहकारी समिति की तरफ से जमील अहमद को नोटिस भेजकर 22 हजार रुपये ऋण जमा कराने के लिए कहा गया है। जमील अहमद का कहना है कि साधन सहकारी समिति में वह सदस्य नहीं है तथा किसी तरह का ऋण भी समिति से नहीं लिया है। नोटिस का पता चलते ही किसान जमील ने समिति कार्यालय पहुंचकर इस बारे में शिकायत की। वहां से उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। किसान का कहना है कि समिति कर्मियों ने उसके खिलाफ जारी नोटिस को निरस्त नहीं किया, तो वह समिति कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
उधर, साधन सहकारी समिति के हेड क्लर्क वीरेंद्र कुमार का कहना है कि गलत नोटिस किसी को नहीं भेजा गया, हो सकता है कि जमील नाम का कोई दूसरा किसान हो और गलती से किसी दूसरे किसान के यहां नोटिस पहुंच गया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।
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जलालाबाद(शामली)। सहकारी सेवा समिति ने किसान को बिना कर्ज लिए ही 22 हजार रुपये बकायादारी नोटिस दे दिया, जबकि वह किसान समिति का सदस्य भी नहीं है। नोटिस मिलने के बाद किसान परेशान है तथा समिति कार्यालय में चक्कर काट रहा है।
कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला मोहम्मदीगंज निवासी जमील अहमद पुत्र अनीस अहमद छोटा काश्तकार है। साधन सहकारी समिति की तरफ से जमील अहमद को नोटिस भेजकर 22 हजार रुपये ऋण जमा कराने के लिए कहा गया है। जमील अहमद का कहना है कि साधन सहकारी समिति में वह सदस्य नहीं है तथा किसी तरह का ऋण भी समिति से नहीं लिया है। नोटिस का पता चलते ही किसान जमील ने समिति कार्यालय पहुंचकर इस बारे में शिकायत की। वहां से उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। किसान का कहना है कि समिति कर्मियों ने उसके खिलाफ जारी नोटिस को निरस्त नहीं किया, तो वह समिति कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएगा।
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उधर, साधन सहकारी समिति के हेड क्लर्क वीरेंद्र कुमार का कहना है कि गलत नोटिस किसी को नहीं भेजा गया, हो सकता है कि जमील नाम का कोई दूसरा किसान हो और गलती से किसी दूसरे किसान के यहां नोटिस पहुंच गया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।
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