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201 बेटियों को नहीं मिला शादी अनुदान का लाभ
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201 बेटियों को नहीं मिला शादी अनुदान का लाभ
थानाभवन। वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है, लेकिन गरीब परिवारों की बेटियों को शादी अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल सका। समाज कल्याण विभाग बजट न आने की बात कहता है, जबकि पात्रों भटकना पड़ रहा है। चिंता यह है कि यदि मार्च तक बजट नहीं आया तो गरीब बेटियों को अपने हक से वंचित होना पड़ेगा।
राज्य सरकार की ओर से हर साल अनुसूचित जाति की गरीब कन्याओं के लिए शादी अनुदान योजना के तहत 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। योजना में ये अहम है कि यदि वित्तीय वर्ष के भीतर ही कन्याओं को लाभ नहीं मिल पाता तो अगले वर्ष उनके आवेदन को निरस्त कर दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में योजना के लिए 201 आवेदन आए। इन परिवारों को लाभ देने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से 40 लाख 20 हजार रुपये के बजट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया, लेकिन अब तक बजट जारी नहीं हुआ। इस कारण पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। अब आवेदक समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें मायूस ही लौटना पड़ रहा है। विभाग का दावा है कि बजट के लिए कई बार शासन को पत्र भेज चुके हैं।
कोट
इस वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान हेतु 201 आवेदन प्राप्त हुए थे। विभाग ने पात्रों को लाभ देने के लिए बजट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। जैसे ही बजट प्राप्त होगा, पात्रों को योजना से लाभान्वित कर दिया जाएगा। - रचना शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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थानाभवन। वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है, लेकिन गरीब परिवारों की बेटियों को शादी अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल सका। समाज कल्याण विभाग बजट न आने की बात कहता है, जबकि पात्रों भटकना पड़ रहा है। चिंता यह है कि यदि मार्च तक बजट नहीं आया तो गरीब बेटियों को अपने हक से वंचित होना पड़ेगा।
राज्य सरकार की ओर से हर साल अनुसूचित जाति की गरीब कन्याओं के लिए शादी अनुदान योजना के तहत 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। योजना में ये अहम है कि यदि वित्तीय वर्ष के भीतर ही कन्याओं को लाभ नहीं मिल पाता तो अगले वर्ष उनके आवेदन को निरस्त कर दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में योजना के लिए 201 आवेदन आए। इन परिवारों को लाभ देने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से 40 लाख 20 हजार रुपये के बजट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया, लेकिन अब तक बजट जारी नहीं हुआ। इस कारण पात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। अब आवेदक समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें मायूस ही लौटना पड़ रहा है। विभाग का दावा है कि बजट के लिए कई बार शासन को पत्र भेज चुके हैं।
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कोट
इस वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान हेतु 201 आवेदन प्राप्त हुए थे। विभाग ने पात्रों को लाभ देने के लिए बजट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। जैसे ही बजट प्राप्त होगा, पात्रों को योजना से लाभान्वित कर दिया जाएगा। - रचना शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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