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जिले की 20 प्रतिशत आबादी की होगी स्क्रीनिंग
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जिले की 20 प्रतिशत आबादी की होगी स्क्रीनिंग
शामली। कोरोना संक्रमण कम होने पर अब जिले में नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू होगा। इस अभियान के तहत डोर-टू-डोर टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले रोगियों की पहचान की जाएगी। शासन के निर्देश पर इस बार जिले की 20 प्रतिशत आबादी 3,16,231 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 10 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग की जाती थी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को लेकर माइक्रो प्लान तैयार किया है।
सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान नौ मार्च से 22 मार्च तक चलेगा। अवकाश के दिन को छोड़कर यह अभियान 10 कार्य दिवस में चलाया जाएगा। इस बार जिले की कुल आबादी की 20 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग कर टीबी रोगी की पहचान की जाएगी। टीबी कार्यक्रम के जिला समन्वयक शबी आजम ने बताया कि अभियान के तहत 3,16,231 लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है, जो कुल आबादी का 20 प्रतिशत है। 110 स्वास्थ्य टीमें और 22 सुपरवाइजर बनाए गए हैं। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर रहेगा। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे। आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम घर-घर जाकर दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार रहने आदि लक्षण वाले लोगों को चिह्नित करेगी।
मौके पर ही आशा बलगम का नमूना लेकर सुपरवाइजर को देंगी। सुपरवाइजर की जिम्मेदारी होगी कि वह नजदीकी लैब माइक्रोस्कोपी सेंटर पर जांच कराएंगे। जांच में जो भी व्यक्ति टीबी रोग से संक्रमित पाया जाएगा, उसका नि:शुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि नौ मार्च से 22 मार्च तक चलने वाले टीबी रोगी खोज अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। माइक्रोप्लान बनाकर स्वास्थ्य टीमों और सुपरवाइजर को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए गए संकल्प के तहत ये अभियान चलाया जा रहा है।
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टीम को एक दिन में 50 घर का लक्ष्य
सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत एक स्वास्थ्य टीम को एक दिन में 50 घरों में जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। इस तरह से दस दिन में एक टीम 500 घरों में जाकर जांच करेगी। यह अभियान जिले में स्थित चार टीबी यूनिट शामली, कैराना, कांधला और थानाभवन के क्षेत्र में चलाया जाएगा। हर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
- मलिन बस्तियां।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्र।
- पूर्व में जिस क्षेत्र में ज्यादा टीबी रोगी मिले।
- टीबी रोगी मिलने की संभावना वाले क्षेत्र।
क्षेत्रवार आबादी का निर्धारित लक्ष्य
शामली- 71000
कांधला - 66431
थानाभवन - 77600
कैराना - 101200
जिले में नौ से 22 मार्च तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। 110 स्वास्थ्य टीमें और 22 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं - डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ
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शामली। कोरोना संक्रमण कम होने पर अब जिले में नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू होगा। इस अभियान के तहत डोर-टू-डोर टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले रोगियों की पहचान की जाएगी। शासन के निर्देश पर इस बार जिले की 20 प्रतिशत आबादी 3,16,231 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 10 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग की जाती थी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को लेकर माइक्रो प्लान तैयार किया है।
सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान नौ मार्च से 22 मार्च तक चलेगा। अवकाश के दिन को छोड़कर यह अभियान 10 कार्य दिवस में चलाया जाएगा। इस बार जिले की कुल आबादी की 20 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग कर टीबी रोगी की पहचान की जाएगी। टीबी कार्यक्रम के जिला समन्वयक शबी आजम ने बताया कि अभियान के तहत 3,16,231 लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा गया है, जो कुल आबादी का 20 प्रतिशत है। 110 स्वास्थ्य टीमें और 22 सुपरवाइजर बनाए गए हैं। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर रहेगा। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे। आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम घर-घर जाकर दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार रहने आदि लक्षण वाले लोगों को चिह्नित करेगी।
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मौके पर ही आशा बलगम का नमूना लेकर सुपरवाइजर को देंगी। सुपरवाइजर की जिम्मेदारी होगी कि वह नजदीकी लैब माइक्रोस्कोपी सेंटर पर जांच कराएंगे। जांच में जो भी व्यक्ति टीबी रोग से संक्रमित पाया जाएगा, उसका नि:शुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि नौ मार्च से 22 मार्च तक चलने वाले टीबी रोगी खोज अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। माइक्रोप्लान बनाकर स्वास्थ्य टीमों और सुपरवाइजर को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए गए संकल्प के तहत ये अभियान चलाया जा रहा है।
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टीम को एक दिन में 50 घर का लक्ष्य
सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत एक स्वास्थ्य टीम को एक दिन में 50 घरों में जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। इस तरह से दस दिन में एक टीम 500 घरों में जाकर जांच करेगी। यह अभियान जिले में स्थित चार टीबी यूनिट शामली, कैराना, कांधला और थानाभवन के क्षेत्र में चलाया जाएगा। हर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
- मलिन बस्तियां।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्र।
- पूर्व में जिस क्षेत्र में ज्यादा टीबी रोगी मिले।
- टीबी रोगी मिलने की संभावना वाले क्षेत्र।
क्षेत्रवार आबादी का निर्धारित लक्ष्य
शामली- 71000
कांधला - 66431
थानाभवन - 77600
कैराना - 101200
जिले में नौ से 22 मार्च तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। 110 स्वास्थ्य टीमें और 22 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं - डॉ. संजय अग्रवाल, सीएमओ