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जनपद में 10 साल में बढ़ गई 2.66 लाख जनसंख्या
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शामली। सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके बाद भी जिले में जनसंख्या नियंत्रण न होकर हर साल वृद्धि हो रही है। जनपद में पिछले दस साल में 266378 जनसंख्या बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पहले जनसंख्या वृद्धि की दर ढाई प्रतिशत थी, जो अब घटकर डेढ़ प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2011 में जनपद की जनसंख्या 1274185 थी, जो बढ़कर 1540563 हो गई है। इस तरह से दस साल में जनसंख्या में 266378 की वृद्धि हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए समय-समय पर परिवार कल्याण कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। विश्व जनसंख्या नियंत्रण दिवस पर 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया गया, जिसमें दंपतियों से संपर्क कर उन्हें जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि अब 11 जुलाई से 24 जुलाई तक सेवा प्रदायी पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें दंपतियों को अस्पताल तक लाकर परिवार नियोजन से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जनसंख्या नियंत्रण के लिए नसबंदी आपरेशन कराने पर महिला व पुरुष दोनों को शासन की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में गर्भ निरोधक गोली, ओरल-पिल्स, अंतरा, छाया, कॉपर-टी आदि की सुविधा उपलब्ध है।
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नसबंदी में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा
शामली। जनपद में जनसंख्या नियंत्रण के लिए नसबंदी कराने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं काफी आगे हैं। यह हाल तो तब है कि जब सरकार की तरफ से नसबंदी आपरेशन कराने पर महिला लाभार्थी को 1400 रुपये व पुरुष लाभार्थी को दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वर्ष 2018-19 में 14 पुरुषों ने और 562 महिलाओं ने नसबंदी कराई। 2019-20 में 12 पुरुष और 622 महिलाओं ने नसबंदी आपरेशन कराए हैं। इस साल अप्रैल माह से अब तक 18 महिलाओं ने नसबंदी कराई, जबकि पुरुष नसबंदी की संख्या शून्य है। परिवार नियोजन के उपाय करने में भी महिलाएं ही आगे रहती हैं।
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कोट
जिले में जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को जागरूक किया जाता है। सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन संबंधी उपाय की सुविधाएं उपलब्ध है। - डॉ. अश्वनी कुमार, नोडल अधिकारी परिवार कल्याण कार्यक्रम।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2011 में जनपद की जनसंख्या 1274185 थी, जो बढ़कर 1540563 हो गई है। इस तरह से दस साल में जनसंख्या में 266378 की वृद्धि हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए समय-समय पर परिवार कल्याण कार्यक्रम चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। विश्व जनसंख्या नियंत्रण दिवस पर 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया गया, जिसमें दंपतियों से संपर्क कर उन्हें जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।
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उन्होंने बताया कि अब 11 जुलाई से 24 जुलाई तक सेवा प्रदायी पखवाड़ा चलाया जाएगा। इसमें दंपतियों को अस्पताल तक लाकर परिवार नियोजन से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जनसंख्या नियंत्रण के लिए नसबंदी आपरेशन कराने पर महिला व पुरुष दोनों को शासन की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सरकारी अस्पतालों में गर्भ निरोधक गोली, ओरल-पिल्स, अंतरा, छाया, कॉपर-टी आदि की सुविधा उपलब्ध है।
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नसबंदी में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा
शामली। जनपद में जनसंख्या नियंत्रण के लिए नसबंदी कराने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं काफी आगे हैं। यह हाल तो तब है कि जब सरकार की तरफ से नसबंदी आपरेशन कराने पर महिला लाभार्थी को 1400 रुपये व पुरुष लाभार्थी को दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वर्ष 2018-19 में 14 पुरुषों ने और 562 महिलाओं ने नसबंदी कराई। 2019-20 में 12 पुरुष और 622 महिलाओं ने नसबंदी आपरेशन कराए हैं। इस साल अप्रैल माह से अब तक 18 महिलाओं ने नसबंदी कराई, जबकि पुरुष नसबंदी की संख्या शून्य है। परिवार नियोजन के उपाय करने में भी महिलाएं ही आगे रहती हैं।
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कोट
जिले में जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को जागरूक किया जाता है। सभी सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन संबंधी उपाय की सुविधाएं उपलब्ध है। - डॉ. अश्वनी कुमार, नोडल अधिकारी परिवार कल्याण कार्यक्रम।