{"_id":"5c251dd5bdec2256ce0816a6","slug":"191545936341-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को अपराधों के प्रति जागरूक किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को अपराधों के प्रति जागरूक किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की जरूरत
शामली। वायस ऑफ चाइल्ड एब्यूज कार्यक्रम के तहत बीएसएम स्कूल में कक्षा प्रथम से लेकर पांच तक के छात्र-छात्राओं को फिल्म के माध्यम से सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के विषय में जानकारी दी गई।
परामर्श दाता वासुु चौधरी, विशाल गोलियान, क्षितिज चौहान और वृतिका चौहान ने बताया कि मौजूदा दौर में समाज में बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसका दंश छोटे-छोटे बच्चे अपना बचपन खोकर चुकाते हैं। बच्चों के दुश्मन अधिकांश उनके परिचित या रिश्तेदार होते हैं। बच्चों को केवल अभिभावकों पर विश्वास करना चाहिए। अकेले किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। डाक्टरी परीक्षण भी माता-पिता की मौजूदगी में कराने का सुझाव दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई चॉकलेट या अन्य वस्तुओं का लालच देकर बरगलाता है तो बच्चों को जोर से चिल्ला कर मदद मांगनी चाहिए। मदद न मिलने पर हेल्प लाइन नंबर 1098 फोन करके सूचना दें। विद्यालय के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह, प्रबंधक छाया सिंह ने कहा कि समाज में बढ़ते हुए अपराधों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। जागरूकता से अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि घर में ऐसा वातावरण तैयार करे कि बच्चे माता-पिता से सारी निजी बातें बेजिझक कहे। प्रधानाचार्य निर्मला मलिक ने सभी परामर्शदाताओं का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
शामली। वायस ऑफ चाइल्ड एब्यूज कार्यक्रम के तहत बीएसएम स्कूल में कक्षा प्रथम से लेकर पांच तक के छात्र-छात्राओं को फिल्म के माध्यम से सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के विषय में जानकारी दी गई।
परामर्श दाता वासुु चौधरी, विशाल गोलियान, क्षितिज चौहान और वृतिका चौहान ने बताया कि मौजूदा दौर में समाज में बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इसका दंश छोटे-छोटे बच्चे अपना बचपन खोकर चुकाते हैं। बच्चों के दुश्मन अधिकांश उनके परिचित या रिश्तेदार होते हैं। बच्चों को केवल अभिभावकों पर विश्वास करना चाहिए। अकेले किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। डाक्टरी परीक्षण भी माता-पिता की मौजूदगी में कराने का सुझाव दिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई चॉकलेट या अन्य वस्तुओं का लालच देकर बरगलाता है तो बच्चों को जोर से चिल्ला कर मदद मांगनी चाहिए। मदद न मिलने पर हेल्प लाइन नंबर 1098 फोन करके सूचना दें। विद्यालय के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह, प्रबंधक छाया सिंह ने कहा कि समाज में बढ़ते हुए अपराधों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। जागरूकता से अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि घर में ऐसा वातावरण तैयार करे कि बच्चे माता-पिता से सारी निजी बातें बेजिझक कहे। प्रधानाचार्य निर्मला मलिक ने सभी परामर्शदाताओं का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन