{"_id":"5b8ae64942c79246475f8014","slug":"191535829577-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवाद ने लटका दी पेंशन और वेतन का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाद ने लटका दी पेंशन और वेतन का भुगतान
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
विवाद ने लटका दिया पेंशन और वेतन का भुगतान
शामली। अपर जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी के बीच हुए विवाद के कारण पेंशन और वेतन का भुगतान लटक गया। शनिवार को कोषागार में कार्य तो हुआ, लेकिन वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी पत्रावलियों को अग्रसारित नहीं करने के कारण भुगतान नहीं हो सका।
बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी केबी सिंह और वरिष्ठ कोषाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय के बीच विवाद हो गया था। शुक्रवार को वरिष्ठ कोषाधिकारी ने आला अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर अपर जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप लगाया था कि अपर जिलाधिकारी ने उनको अपने कक्ष में बुलाकर गाली गलौज की और विरोध करने पर मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उधर, अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने वरिष्ठ कोषाधिकारी के आरोप को बेबुनियाद बताया था। उनका कहना था कि वरिष्ठ कोषाधिकारी ने रजिस्ट्री दफ्तर के एक कर्मी की मृत्यु के बाद पेंशन और वेतन आहरण संबंधी आदेश प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं किया और आठ दिन तक फाइल लटकाकर रखी। वहीं, इस प्रकरण की जांच करने के लिए अपर निदेशक कोषागार भी शुक्रवार को ही शामली आए थे। कोषागार में कार्यरत कर्मियों से बयान लेकर लौट गए थे। इस प्रकरण का असर शनिवार को महीने के पहले दिन दिखाई दिया। क्योंकि महीने की एक तारीख तक पेंशन धारकों के खातों में पेंशन तथा विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के वेतन का भुगतान भी पहुंच जाता है। शनिवार को कोषागार में कार्यरत सुभाष शर्मा, नितिन शर्मा, रामकुमार शर्मा, अवनीश मवार, सुनील कुमार आदि ने बताया कि पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी सभी तैयारियां कर ली गई थीं। वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय में आए भी थे, लेकिन पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस कारण भुगतान नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 3200 पेंशन धारक हैं, जिन्हें प्रतिमाह महीने की पहली तारीख तक पेंशन खाते में भेजी जाती है।
विज्ञापन
शामली। अपर जिलाधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी के बीच हुए विवाद के कारण पेंशन और वेतन का भुगतान लटक गया। शनिवार को कोषागार में कार्य तो हुआ, लेकिन वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी पत्रावलियों को अग्रसारित नहीं करने के कारण भुगतान नहीं हो सका।
बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी केबी सिंह और वरिष्ठ कोषाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय के बीच विवाद हो गया था। शुक्रवार को वरिष्ठ कोषाधिकारी ने आला अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर अपर जिलाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप लगाया था कि अपर जिलाधिकारी ने उनको अपने कक्ष में बुलाकर गाली गलौज की और विरोध करने पर मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उधर, अपर जिलाधिकारी केबी सिंह ने वरिष्ठ कोषाधिकारी के आरोप को बेबुनियाद बताया था। उनका कहना था कि वरिष्ठ कोषाधिकारी ने रजिस्ट्री दफ्तर के एक कर्मी की मृत्यु के बाद पेंशन और वेतन आहरण संबंधी आदेश प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं किया और आठ दिन तक फाइल लटकाकर रखी। वहीं, इस प्रकरण की जांच करने के लिए अपर निदेशक कोषागार भी शुक्रवार को ही शामली आए थे। कोषागार में कार्यरत कर्मियों से बयान लेकर लौट गए थे। इस प्रकरण का असर शनिवार को महीने के पहले दिन दिखाई दिया। क्योंकि महीने की एक तारीख तक पेंशन धारकों के खातों में पेंशन तथा विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के वेतन का भुगतान भी पहुंच जाता है। शनिवार को कोषागार में कार्यरत सुभाष शर्मा, नितिन शर्मा, रामकुमार शर्मा, अवनीश मवार, सुनील कुमार आदि ने बताया कि पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी सभी तैयारियां कर ली गई थीं। वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय में आए भी थे, लेकिन पेंशन और वेतन भुगतान संबंधी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस कारण भुगतान नहीं किया जा सका। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 3200 पेंशन धारक हैं, जिन्हें प्रतिमाह महीने की पहली तारीख तक पेंशन खाते में भेजी जाती है।
विज्ञापन