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किसान पता गोभी,फ्रैचबीन, लहसुन की फसल अपनाएं, शामली कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। कृषि विज्ञान केंद्र शामली की ओर से वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने गन्ने की फसल के ऊपर अधिक प्रशिक्षण और सहफसली खेती करने का सुझाव दिए। गोष्ठी में मौजूदा समय में फसल अवशेष प्रबंधन पर आवश्यक कार्ययोजना बनाई जाने, पत्ता गोभी, फ्रैंचबीन, लहसुन आदि पर कार्य किया जाने पर जोर दिया गया।
बृहस्पतिवार को जलालपुर गांव में स्थित महामना मदन मोहन मालवीय इंटर कालेज में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। शुभारंभ मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक प्रसार डॉक्टर गोपाल सिंह ने किया। उन्होंने शामली कृषि विज्ञान केंद्र शामली की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम संसाधनों के बावजूद एक साल में वेस्ट यूपी के नए कृषि विज्ञान केंद्रों से बेहतर कार्य कर रहा है। गन्ने की फसल के संबंध में अधिक प्रशिक्षण दिए जाने की किसानों को आवश्यकता है। किसान गन्ने की फसल के साथ साथ सहफसली खेती करने का सुझाव दिए। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार द्वारा केंद्र के एक साल के कार्यों के बारे में जानकारी दी। वर्ष 2019-20 में केंद्र के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी से अवगत कराया। शस्य वैज्ञानिक डॉ. एसपी सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, डॉ. विकास कुमार आदि वैज्ञानिकों ने पादप प्रजनन के द्वारा अपनी प्रगति रिपोर्ट आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की।
उपनिदेशक कृषि डॉ. शिवकुमार केसरी ने किसानों की आयु दुगनी करने हेतु अधिक से अधिक प्रशिक्षण आयोजन करने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय से आए प्राध्यापक शस्य विज्ञान के डॉ. आरके नरेश कुमार ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन पर आवश्यक कार्य योजना बनाई जाए। बैठक में डॉ. सत्यप्रकाश ने पत्ता गोभी, फ्रैंचबीन, लहसुन आदि पर कार्य किया जाने पर जोर दिया। डॉ. डीके सिंह द्वारा पशुपालन के संबंध में खनिज मिश्रण के प्रयोग पर बल दिया। मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नीरजा, कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार, जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार, डीडीएम नाबार्ड, प्रगतिशील किसान रजनीश कुमार, मुकेश कुमार, बबीता देवी, मालती देवी, महामना मदन मोहन इंटर कालेज जलालपुर का प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा आदि सदस्यों ने अपने अमूल्य सुझाव दिए। संचालन डॉ. विकास कुमार द्वारा किया गया। डॉ. ओंकार सिंह द्वारा आभार प्रकट किया गया।
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शामली। कृषि विज्ञान केंद्र शामली की ओर से वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने गन्ने की फसल के ऊपर अधिक प्रशिक्षण और सहफसली खेती करने का सुझाव दिए। गोष्ठी में मौजूदा समय में फसल अवशेष प्रबंधन पर आवश्यक कार्ययोजना बनाई जाने, पत्ता गोभी, फ्रैंचबीन, लहसुन आदि पर कार्य किया जाने पर जोर दिया गया।
बृहस्पतिवार को जलालपुर गांव में स्थित महामना मदन मोहन मालवीय इंटर कालेज में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। शुभारंभ मेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक प्रसार डॉक्टर गोपाल सिंह ने किया। उन्होंने शामली कृषि विज्ञान केंद्र शामली की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम संसाधनों के बावजूद एक साल में वेस्ट यूपी के नए कृषि विज्ञान केंद्रों से बेहतर कार्य कर रहा है। गन्ने की फसल के संबंध में अधिक प्रशिक्षण दिए जाने की किसानों को आवश्यकता है। किसान गन्ने की फसल के साथ साथ सहफसली खेती करने का सुझाव दिए। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार द्वारा केंद्र के एक साल के कार्यों के बारे में जानकारी दी। वर्ष 2019-20 में केंद्र के द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी से अवगत कराया। शस्य वैज्ञानिक डॉ. एसपी सिंह, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, डॉ. विकास कुमार आदि वैज्ञानिकों ने पादप प्रजनन के द्वारा अपनी प्रगति रिपोर्ट आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की।
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उपनिदेशक कृषि डॉ. शिवकुमार केसरी ने किसानों की आयु दुगनी करने हेतु अधिक से अधिक प्रशिक्षण आयोजन करने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय से आए प्राध्यापक शस्य विज्ञान के डॉ. आरके नरेश कुमार ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन पर आवश्यक कार्य योजना बनाई जाए। बैठक में डॉ. सत्यप्रकाश ने पत्ता गोभी, फ्रैंचबीन, लहसुन आदि पर कार्य किया जाने पर जोर दिया। डॉ. डीके सिंह द्वारा पशुपालन के संबंध में खनिज मिश्रण के प्रयोग पर बल दिया। मौके पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. नीरजा, कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार, जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार, डीडीएम नाबार्ड, प्रगतिशील किसान रजनीश कुमार, मुकेश कुमार, बबीता देवी, मालती देवी, महामना मदन मोहन इंटर कालेज जलालपुर का प्रधानाचार्य राजेश कुमार शर्मा आदि सदस्यों ने अपने अमूल्य सुझाव दिए। संचालन डॉ. विकास कुमार द्वारा किया गया। डॉ. ओंकार सिंह द्वारा आभार प्रकट किया गया।
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